होलाष्टक 2026
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होलाष्टक में क्या करें
होलाष्टक के दौरान कुछ विशेष कार्यों को करना शुभ माना जाता है। इस अवधि में दान करना अत्यंत फलदायी होता है। विशेष रूप से अन्न, धन और जरूरतमंदों को अन्य आवश्यक वस्तुएँ देना लाभकारी माना जाता है। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
इसके अलावा पूजा और ध्यान के दौरान हनुमान चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का सच्चे मन से जप करना विशेष फलदायी होता है। इन साधनों से न केवल जीवन में आ रहे दुख और संकट कम होते हैं, बल्कि हनुमान जी की कृपा भी प्राप्त होती है। होलाष्टक के दौरान इन कार्यों को करने से मानसिक शांति, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन में संतुलन बढ़ता है।
होलाष्टक में क्या न करें
शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक के दौरान कई शुभ और मांगलिक कार्यों से परहेज करना चाहिए। इनमें 16 संस्कार शामिल हैं, जैसे नामकरण संस्कार, जनेऊ संस्कार, गृह प्रवेश और विवाह संस्कार। इसके अलावा इस दौरान हवन, यज्ञ और अन्य धार्मिक कर्म नहीं किए जाते। विशेष रूप से जिन लड़कियों की नई शादी हुई होती है, उन्हें इस अवधि में अपने मायके में ही रहना चाहिए।
इस दौरान किसी भी अनजान व्यक्ति से दी गई वस्तु या भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि नकारात्मक ऊर्जा अधिक सक्रिय होती है। इस समय सतर्कता और संयम बनाए रखना अत्यंत आवश्यक माना जाता है।