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Holashtak 2026: होलाष्टक में अधिक सक्रिय रहती हैं बुरी शक्तियां, इन आठ दिनों तक न करें ये काम

Wed, 18 Feb 2026 08:16 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Holashtak 2026: होलाष्टक को अशुभ समय माना गया है। इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ या मांगलिक कार्य करने से परहेज किया जाता है। आइए जानते हैं कि वर्ष 2026 में होलाष्टक कब से शुरू होकर कब तक रहेगा और इस अवधि में किन कार्यों से बचना चाहिए।
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होलाष्टक 2026 - फोटो : amar ujala
Holashtak 2026 Start Date: होली का पर्व हर किसी के लिए उत्साह और उमंग लेकर आता है। मान्यता है कि इस दिन लोग पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और रिश्तों में मिठास घोलते हैं। रंगों का यह त्योहार होलिका दहन के बाद मनाया जाता है। होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। ऐसी धारणा है कि इस अग्नि में नकारात्मक शक्तियों का दहन हो जाता है और वातावरण शुद्ध होता है। इसी दिन होलाष्टक की अवधि भी समाप्त होती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक को अशुभ समय माना गया है। इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ या मांगलिक कार्य करने से परहेज किया जाता है। आइए जानते हैं कि वर्ष 2026 में होलाष्टक कब से शुरू होकर कब तक रहेगा और इस अवधि में किन कार्यों से बचना चाहिए।

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होलाष्टक 2026 की तिथि - फोटो : amar ujala
होलाष्टक 2026 की तिथि
फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से होलाष्टक प्रारंभ होता है। वर्ष 2026 में यह 24 फरवरी से शुरू होकर 3 मार्च को होलिका दहन के दिन समाप्त होगा। हर साल होली से ठीक आठ दिन पहले होलाष्टक आरंभ हो जाता है। इन पूरे आठ दिनों को शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है।

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होलाष्टक में शुभ कार्य क्यों नहीं किए जाते? - फोटो : Adobe Stock
होलाष्टक में शुभ कार्य क्यों नहीं किए जाते?
एक मान्यता के अनुसार, होलाष्टक का समय नकारात्मक शक्तियों से जुड़ा होता है। इसे अशांति और बाधाओं का काल माना गया है, इसलिए इस दौरान विवाह, गृहप्रवेश जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते।

एक अन्य कथा के अनुसार, इन्हीं आठ दिनों में असुर राजा हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र भक्त प्रह्लाद को भगवान विष्णु की भक्ति छोड़ने के लिए अत्याचार किए थे। लेकिन प्रह्लाद अपनी भक्ति में अडिग रहे। अंततः उनकी रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने नृसिंह अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया। इसी घटना की स्मृति में होलिका दहन मनाया जाता है।

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होलाष्टक के दौरान किन कार्यों से बचें - फोटो : adobe
होलाष्टक के दौरान किन कार्यों से बचें
  • विवाह, सगाई, गृहप्रवेश जैसे मांगलिक कार्यक्रम न करें।
  • बहू-बेटी की विदाई टालें।
  • मुंडन, उपनयन, नामकरण या विद्या आरंभ जैसे संस्कार न करें।
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होलाष्टक के दौरान किन कार्यों से बचें - फोटो : adobe stock
  • नया व्यवसाय या किसी बड़े काम की शुरुआत से बचें।
  • मकान, वाहन, प्लॉट, सोना-चांदी जैसी कीमती वस्तुओं की खरीदारी न करें।
  • होलाष्टक की अवधि को संयम और सावधानी के साथ बिताना शुभ माना जाता है, जबकि होलिका दहन के बाद से शुभ कार्यों की शुरुआत की जा सकती है।


 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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