गुरुवार, 6 अप्रैल 2023 को पवनपुत्र, संकटमोचन और भगवान शिव के रुद्रावतार भगवान बजरंगबली का जन्मोत्सव है। रामभक्त हनुमान को कलयुग के देवता और जल्द प्रसन्न होने वाले देवता माना गया है। हनुमानजी को भगवान शिव के 11वें अवतार माना जाता है। रामभक्त हनुमानजी के जन्म को लेकर दो तरह की धार्मिक मान्यताएं हैं। एक मान्यता के अनुसार हनुमानजी का जन्म चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को हुआ था, वहीं इसके अलावा कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भी हनुमान जयंती मनाई जाती है। चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है तो वहीं कार्तिक महीने में हनुमान जयंती के रूप में। ऐसे में अब आपके मन में यह विचार चल रहा होगा कि साल में हनुमान जयंती दो बार क्यों मनाई जाती है? आइए जानते हैं इसके पीछे की पौराणिक कथा।