भगवान शिव के 11वें अवतार और रामजी के परम भक्त हनुमान जी का जन्मदिन बुधवार 18 अक्टूबर को कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को है। हनुमानजी का जन्मदिन साल में दो बार मनाने की परंपरा है। पहला जन्मदिन चैत्र पूर्णिमा को और दूसरा कार्तिक माह की चौदस को। शास्त्रों के अनुसार भगवान हनुमान की पूजा करने पर राहु और शनिदोष की पीड़ा से मुक्ति मिल जाती है।
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वायु पुराण और अगस्त्य संहिता में उल्लेख मिलता है कि भगवान शिव के अवतार हनुमान जी का जन्म कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी मंगलवार के दिन स्वाति नक्षत्र में मेष लग्न में मध्य रात्रि के समय हुआ था। इसलिए मध्यरात्रि में जब कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी होती है तभी हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
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शास्त्रों के अनुसार हनुमान जी के जन्मदिन के अवसर पर रात्रि के समय हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए। इससे हनुमान जी की बड़ी कृपा प्राप्त होती है।
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हनुमानजी के जन्मदिन पर घी में चुटकी भर सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को लेप लगाएं। इससे हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और यदि किसी भक्त पर शनि और राहु का दोष है तो हनुमान जी की कृपा से यह दोष दूर हो जाता है।
चुटकी भर सिंदूर को घी में मिलाकर एक कागज पर स्वास्तिक चिन्ह बनाएं और हनुमान जी के हृदय से लगाकर उसे अपनी तिजोरी या अलमारी में रखें। ऐसा करने से अनावश्यक व्यय में कमी आएगी और धन की वृद्धि होगी।