गुरू नानक जयंती 2020
एक बार नानक देव जी अपने शिष्य मरदाना के साथ कंगनवाल पहुंचे। वहां के लोग किसी का सम्मान नहीं करते थे। उन्होंने वहां देखा कि लोग दूसरों को परेशान कर रहे हैं। उस गांव से निकलते हुए नानक जी ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि हमेशा यहीं बसते रहो। उसके बाद नानक जी दूसरे गांव पहुंचे, वहां के लोग बहुत अच्छे थे। सभी ने नानक जी का बहुत सम्मान किया। अगले दिन जब नानक जी गांव से चले तो उन्होंने आशीर्वाद दिया कि सब तरफ बिखर जाओ। नानक जी के इस व्यव्हार पर मरदाना को बहुत आश्चर्य हुआ। उसने पूछा-जिन्होंने अपशब्द कहे, उन्हें बसने का और जिन्होंने सत्कार किया, उन्हें आपने बिखर जाने का आशीर्वाद दिया, ऐसा क्यों? नानक जी कहा कि बुरे लोग एक जगह रहें, ताकि बुराई न फैले और अच्छे लोग हर तरफ फैलें ताकि अच्छाई का प्रसार हो।