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Good Friday 2026: गुड फ्राइडे आज, जानें ईसाई धर्म के लोगों के लिए क्यों है ये दिन खास

Fri, 03 Apr 2026 10:39 AM IST
Shweta Singh धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Good Friday: गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का सबसे महत्वपूर्ण दिन है और इसे हर साल ईस्टर से पहले आने वाले शुक्रवार को मनाया जाता है। ईसाई समुदाय का मानना है कि यह दिन उस घटना की याद दिलाता है जब यीशु मसीह को सलीब यानी क्रॉस पर चढ़ाया गया था।
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गुड फ्राइडे 2026 - फोटो : amar ujala
Importance Of Good Friday: गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का सबसे महत्वपूर्ण दिन है और इसे हर साल ईस्टर से पहले आने वाले शुक्रवार को मनाया जाता है। ईसाई समुदाय का मानना है कि यह दिन उस घटना की याद दिलाता है जब यीशु मसीह को सलीब यानी क्रॉस पर चढ़ाया गया था। उन्होंने मानवता को उसके पापों से मुक्त करने के लिए अपना बलिदान दिया था। ईसाई मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह ने मानव जाति के पापों को दूर करने और लोगों को ईश्वर के मार्ग पर ले जाने के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया था। यही कारण है कि इस दिन को गुड  कहा जाता है जिसका अर्थ है अच्छाई और मुक्ति।
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Good Friday 2026 - फोटो : freepik
गुड फ्राइडे क्यों खास है?
यह दिन ईसा मसीह के सूली पर चढ़ने और उनकी मौत की याद में मनाया जाता है। ईसाई मान्यता के अनुसार ईसा मसीह ने सभी इंसानों को पाप से मुक्ति देने के लिए अपना बलिदान दे दिया। गुड फ्राइडे में “गुड” शब्द का अर्थ है पवित्र। गुड़ फ्राइडे का दिन एक काला दिवस के रूप में मनाया जाता है लेकिन सही मायने में यह मानवता के लिए किए गये यीशु मसीह के बलिदान के रूप में याद किया जाता है। बाइबिल के अनुसार  गुड फ्राइडे के तीसरे दिन ईसा मसीह फिर से जीवित हो गये थे इसिलए  इसके बाद वाले रविवार को ईस्टर संडे के रूप में जाना जाता है। 
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Good Friday 2026 - फोटो : freepik
ईसाई समुदाय के लोग गुड फ्राइडे पर क्या करते हैं?
  • गुड फ्राइडे किसी पर्व नहीं बल्कि बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है।  इस दिन लोग कुछ विशेष कार्य करते हैं। 
  • इस दिन चर्च में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की जाती हैं। ऐसा माना जाता है कि इसी समय के दौरान यीशु मसीह ने सूली पर कष्ट सहे थे।
  • इस दिन चर्च की घंटियां नहीं बजाई जातीं। मोमबत्तियां नहीं जलाई जातीं और वेदियों को खाली छोड़ दिया जाता है। 
  • यह शोक व्यक्त करने का एक तरीका है। घंटियों के बजाय, लकड़ी की घंटियों की आवाज सुनाई देती है।
  • कई स्थानों पर यीशु मसीह की अंतिम यात्रा का नाट्य-रूपान्तरण किया जाता है। उनके कष्टों को याद करते हुए 14 स्टेशनों के माध्यम से प्रार्थना की जाती है।
  • इस दिन लोग शांत रहते हैं और गरीबों तथा जरूरतमंदों की मदद करते हैं।
  • गुड फ्राइडे के दिन चर्च में यीशु मसीह द्वारा सूली पर कहे गए अंतिम शब्दों को याद किया जाता है। ये शब्द हैं: "हे पिता, इन्हें क्षमा कर दे, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।"
  • ईसाई धर्म में गुड फ्राइडे बलिदान, कष्ट और मुक्ति का दिन है। यह दिन यीशु मसीह के बलिदान को याद करने और उनकी शिक्षाओं का पालन करने के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता और संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 

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