गुड फ्राइडे 2021
- फोटो : good friday
क्यों मनाया जाता है गुड फ्राइडे
गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का प्रमुख त्योहार है लेकिन इस दिन को 'शोक दिवस' के रूप में मनाया जाता है। गुड फ्राइडे के दिन ही कंट्टरपंथी लोगों के द्वारा प्रभु ईशु को शारीरक यातनाएं देने के बाद सूली पर चढ़ाया दिया गया था। ईसा मसीह ने लोगों को मानवता और अहिंसा की राह पर चलने का उपदेश दिया था। उनके उपदेशों से प्रभावित होकर लोग अहिंसा और शांति की राह पर चलने लगे, ईशु के अनुयाई बढ़ने लगे। प्रभु ईशु की बढ़ती हुई लोकप्रियता देखकर अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाले कंट्टरपंथी धर्म गुरु चिढ़ने लगे। इसलिए उन्होंने ईसा की झूठी शिकायत रोम के शासक पिलातुस से कर दी थी। उन्होंने पिलातुस को बताया कि खुद को ईश्वरपुत्र बताने वाला यह युवक पापी होने के साथ ईश्वर की बातें भी करता है। जिसके बाद ईशु पर धर्म की अवमानना के साथ राजद्रोह का आरोप लगाया गया और ईसा मसीह को क्रूज पर मत्यु दंड देने का फरमान जारी कर दिया गया। मृत्यु दंड देने से पहले ईसा मसीह को तमाम तरह की शारीरिक यातनाएं दी गईं। उनके ऊपर कोड़ें-चाबुक बरसाए गए, उन्हें कांटों का ताज पहनाने के बाद उनके हाथों में कीले ठोकते हुए उन्हें सूली पर लटका दिया गया। यही कारण है कि ईसाई धर्म को मानने वाले लोग इसे काले दिवस के रूप में मनाया जाता है। हालांकि कहा था कि इसके तीन दिन बाद प्रभु यीशु जीवित हो उठे थे।