फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मनोकामना की पूर्ति के लिए किस देवी-देवता की पूजा में कौन सी माला का करें उपयोग

Thu, 22 Oct 2020 05:43 PM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन, वास्तुविद
विज्ञापन
1 of 7
Mantra Jaap Mala
हम और आप सभी ईश्वर से अपने और घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इसके लिए आप अपने कार्य के अलावा भगवान की पूजा-अर्चना भी करते है। मन को एकाग्र और विशेष कार्य की पूर्ति के लिए हम मंत्र जाप करते हैं। मंत्र जाप का पूरा फल मिले इसके लिए हम अलग-अलग प्रकार की मालाओं का प्रयोग करते हैं। माला का उपयोग इसलिए भी किया जाता है ताकि मंत्र जप की संख्या में कोई त्रुटि न हो सके। माला में लगे हुये दानों को मनका कहा जाता है, आमतौर पर माला में 108 मनके होते हैं परन्तु कभी कभी इसमें 27 अथवा 54 मनके भी होते हैं। आइए जानते हैं किस माला का प्रयोग किस देवता के लिए किया जाता है।
विज्ञापन

2 of 7
Rudraksh Ki Mala
रुद्राक्ष की माला
रुद्राक्ष भगवान शंकर का अंश माना जाता है। इसलिए  शिवजी और शिव परिवार में विराजित सभी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए रुद्राक्ष की माला से जप करना विशेष लाभकारी होते हैं। महामृत्युंजय और लघुमृत्युंजय मन्त्र केवल रुद्राक्ष पर ही जपना चाहिए।
विज्ञापन

3 of 7
Sfatik Ki Mala
स्फटिक की माला
बर्फ की तरह सफेद पारदर्शी मोती की यह माला एकाग्रता,सम्पन्नता और मन की शान्ति देने वाली मानी जाती है।श्री गणेश,माँ सरस्वती और माँ लक्ष्मी के मंत्र इस माला से जपना फलदाई है। धन प्राप्ति और एकाग्रता के लिए स्फटिक की माला धारण करना भी लाभ देता है।

4 of 7
Haldi Ki Mala
हल्दी की माला
विशेष उद्देश्य की पूर्ती तथा मनोकामनाओं के लिए हल्दी की माला का प्रयोग किया जाता है। बृहस्पति देव तथा माँ बगलामुखी के मन्त्रों के लिए पीली हल्दी की माला का प्रयोग किया जाना शुभ होता है।वही काली माता की पूजा में काली हल्दी की माला का प्रयोग उत्तम रहता है। हल्दी की माला से ज्ञान और संतान प्राप्ति के मन्त्रों का जाप भी कर सकते हैं।
विज्ञापन

5 of 7
Chandan Ki Mala
चन्दन की माला
लाल और श्वेत चन्दन से बनाई जाने वाली चन्दन की माला बहुत शुभ होती है। देवी मां के मन्त्रों का जाप लाल चन्दन की माला से करना फलदायी होता है वहीं भगवान कृष्ण और विष्णुजी के मन्त्रों के लिए सफेद चन्दन की माला का प्रयोग अच्छा माना गया है।
विज्ञापन

6 of 7
Tulsi Ki Mala
तुलसी की माला
भगवान विष्णु को प्रिय तुलसी, माँ लक्ष्मी का ही स्वरुप है। भगवान विष्णु और उनके अवतारों के मन्त्रों का जाप इसी माला से किया जाता है।तुलसी की माला पर कभी भी देवी और शिव जी के मन्त्रों का जप नहीं करना चाहिए। वैष्णव परंपरा में तुलसी की माला का सर्वाधिक महत्व है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
Kamalgatte ki Mala
कमल गट्टे की माला
इस माला से महालक्ष्मी के मन्त्रों का जप किया जाता है। इस माला का प्रयोग धन, वैभव और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है।   
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें