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Ratna Astrology: माता लक्ष्मी को बेहद प्रिय है ये एक रत्न, धारण करने से धन-संपदा में होती है वृद्धि

Sat, 14 Dec 2024 02:57 PM IST
शिखर बरनवाल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का विशेष महत्व होता है। लगभग हर रत्न किसी न किसी ग्रह या देवता से जुड़ा होता है और इसे धारण करने से व्यक्ति को कई लाभ मिल सकते हैं। इनमें से एक रत्न ऐसा भी है जो धन की देवी मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है।
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रत्न की अंगूठी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
Gemstone Astrology : ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का विशेष महत्व होता है। लगभग हर रत्न किसी न किसी ग्रह या देवता से जुड़ा होता है और इसे धारण करने से व्यक्ति को कई लाभ मिल सकते हैं। इनमें से एक रत्न ऐसा भी है जो धन की देवी मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है। माना जाता है कि इस रत्न को धारण करने से व्यक्ति के जीवन में धन की वृद्धि होती है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। ज्योतिष जानकारों के मुताबिक अगर कोई भक्त अपने जीवन में आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहा है तो उसे इस रत्न को धारण करना चाहिए। इसलिए आइए इस रत्न को धारण करने के फायदे के  बारे में विस्तार से जानते हैं।
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रत्न की अंगूठी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
कौन सा है यह रत्न?
इस रत्न का नाम स्फटिक है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, स्फटिक को धारण करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। बता दें कि स्फटिक रत्न को अंग्रेजी में क्वार्ट्ज (Quartz) कहा जाता है।
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Shubh Singh of Maa Laxmi - फोटो : अमर उजाला
कैसा दिखता है स्फटिक रत्न?
स्फटिक एक पारदर्शी रत्न है जो शुक्र ग्रह से जुड़ा है। शुक्र ग्रह को सुख और धन का कारक माना जाता है। इसलिए, स्फटिक को धारण करने से व्यक्ति को धन लाभ और सुख-समृद्धि मिल सकती है।

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रत्न की अंगूठी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
स्फटिक रत्न कैसे पहने?
स्फटिक रत्न को अंगूठी में जड़वाकर पहनना सबसे आम तरीका है। आप इसे चांदी या सोने की अंगूठी में जड़वा सकते हैं। इसके अलावा, आप इसे पेंडेंट, ब्रेसलेट या माला के रूप में भी धारण कर सकते हैं।
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रत्न की अंगूठी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
स्फटिक रत्न पहनने के नियम?
स्फटिक रत्न को धारण करने के लिए कुछ खास नियमों का पालन करना आवश्यक है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कर्क, मिथुन, वृषभ और तुला राशि के जातकों के लिए यह रत्न विशेष रूप से लाभदायक होता है। अन्य राशियों के जातकों को इसे धारण करने से पहले ज्योतिषी से सलाह लेनी चाहिए। स्फटिक को हमेशा बुधवार या शुक्रवार के दिन धारण करना चाहिए। धारण करने से पहले इसे गंगाजल से शुद्ध कर लें और "ॐ श्रीं लक्ष्म्यै नमः" मंत्र का जाप करें। इसके बाद इसे माता लक्ष्मी के चरणों में रखकर प्रणाम करें और फिर धारण करें। आप इसे अंगूठी या माला में धारण कर सकते हैं। स्फटिक को हमेशा साफ-सुथरा रखें और सकारात्मक भाव के साथ धारण करें। स्फटिक धारण करने से धन प्राप्ति, मां लक्ष्मी की कृपा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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