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Gangaur 2021: राजस्थान का प्रमुख त्यौहार है गणगौर, जानिए महत्व, तिथि और पूजा विधि

Fri, 02 Apr 2021 03:22 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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गणगौर पूजन 2021
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर तीज मनाई जाती हैं। इस बार गणगौर तीज का व्रत 15 अप्रैल 2021 दिन गुरुवार को किया जाएगा। हिंदू धर्म में गणगौर पूजा का विशेष महत्व माना गया है। खासतौर पर गणगौर तीज का व्रत मध्य प्रदेश और राजस्थान में मनाया जाता है। गणगौर का पर्व चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होकर चैत्र शुक्ल की तृतीया को गणगौर तीज पर व्रत पूजन के साथ समापन होता है। इस तरह यह पर्व पूरे 17 दिनों तक चलता है। यह दिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन स्त्रियां गणगौर माता यानी माता गौरा की विधि-विधान से पूजा करती हैं। जानते हैं गणगौर तीज का महत्व पूजा सामग्री, विधि और शुभ मुहूर्त।
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गणगौर 2021 पूजा करती महिलाएं (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : डेमो पिक
कैसे मनाया जाता है गणगौर, क्या है महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता गवरजा यानि मां पार्वती होली के दूसरे दिन अपने पीहर आती हैं और आठ दिनों के बाद इसर जी यानि भगवान शिव उन्हें वापस लेने के लिए आते हैं। इसलिए यह त्योहार होली की प्रतिपदा से आरंभ होता है। इस दिन से सुहागिन स्त्रियां और कुंवारी कन्याएं मिट्टी के शिव जी यानि गण एवं माता पार्वती यानि गौर बनाकर उनका प्रतिदिन पूजन करती हैं। इसके बाद चैत्र शुक्ल तृतीया को गणगौर यानि शिव पार्वती की विदाई की जाती है। जिसे गणगौर तीज कहा जाता है। यह पर्व नवविवाहिताओं के लिए बहुत खास होता है। महिलाएं रोज सुबह उठ कर दूब और फूल चुन कर लाती हैं और उन दूबों से दूध के छींटे मिट्टी की बनी हुई गणगौर माता को देती हैं। फिर चैत्र शुक्ल द्वितीया के दिन किसी नदी, तालाब या सरोवर पर जाकर अपनी पूजी हुई गणगौरों को पानी पिलाया जाता हैं। चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया की शाम को गणगौर का विसर्जन कर दिया जाता है। गणगौर तीज पर सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु और कुंवारी लड़कियां अच्छे वर की प्राप्ति के लिए व्रत करती हैं।
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गणगौर 2021 - फोटो : अमर उजाला
गणगौर तीज शुभ मुहूर्त 2021
गणगौर तीज पूजा- 15 अप्रैल 2021 दिन गुरुवार 
चैत्र शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि आरंभ- 14 अप्रैल दोपहर 12 बजकर 47 मिनट से।
चैत्र शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि समाप्त- 15 अप्रैल शाम 03 बजकर 27 मिनट तक।
गणगौर पूजा शुभ मुहूर्त- 15 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 17 मिनट से 06 बजकर 52 मिनट तक।
कुल अवधि- 35 मिनट।

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Gangaur Vrat 2021
गणगौर व्रत पूजा सामग्री लिस्ट
चौकी, तांबे का कलश, काली मिट्टी, श्रृंगार का सामान, होली की राख, गोबर या मिट्टी के कुंडे, गमले, मिट्टी का दीपक, कुमकुम, हल्दी, चावल, बिंदी, मेंहदी, गुलाल और अबीर, काजल, घी, फूल, आम के पत्ते, जल से भरा हुआ कलश, नारियल, सुपारी, गणगौर के कपड़े, गेंहू और बांस की टोकरी, चुनरी, कौड़ी, सिक्के, पूड़ी, घेवर, हलवा आदि।
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गणगौर 2021 पूजा करती महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
गणगौर व्रत पूजा विधि
  • चैत्र शुक्ल द्वितीया को किसी पवित्र तीर्थ स्थल या पास के सरोवर पर जाएं और वहां गौरीजी को स्नान करवायें।
  • इसके बाद चैत्र शुक्ल की तृतीया यानि गणगौर तीज पर व्रत करें और विधि विधान से गणगौर की पूजा करें, घी की दीपक प्रज्वलित करें।
  • हल्दी एवं कुमकुम से मिट्टी के बने हुए गण गौर का तिलक करें।
  • माता गौरी को सिंदूर, अक्षत पुष्प अर्पित करके वहीं थोड़ा सा सिंदूर अपने माथे पर लगाएं।
  • एक कागज लेकर उसके ऊपर 16 मेहंदी, 16 कुमकुम और 16 काजल की बिंदी लगाएं और माता को अर्पित कर दें।
  • पूजा संपन्न करने के बाद कथा पढ़ें। इसके बाद विसर्जन करके व्रत का पारण करें।
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