गंगा दशहरा
- फोटो : अमर उजाला
गंगा दशहरा का महत्व
दशहरा दस शुभ वैदिक दिनों का प्रतीक है जो विचारों, कार्यों और वाणी से संबंधित दस पापों को धोने की गंगा की शक्ति को दर्शाता है। दस वैदिक दिनों में ज्येष्ठ माह, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, गुरुवार, हस्त नक्षत्र, सिद्ध योग, गर-आनंद योग और कन्या राशि में चंद्रमा और वृषभ राशि में सूर्य शामिल हैं। गंगा की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह कीमती सामान, नए वाहन या नई संपत्ति खरीदने के लिए अनुकूल दिन है। इस दिन गंगा में खड़े होकर गंगा स्तोत्र का पाठ करने से सभी पाप धुल जाते हैं।
ऐसा माना जाता है कि इस दिन नदी में डुबकी लगाने से भक्त शुद्धि की स्थिति में आ सकता है और साथ ही उसे होने वाली कोई भी शारीरिक बीमारी ठीक हो सकती है। संस्कृत में, दश का अर्थ है दस और हर का अर्थ है नष्ट करना। इस प्रकार इन दस दिनों के दौरान नदी में स्नान करने से व्यक्ति को दस पापों या वैकल्पिक रूप से दस जन्मों के पापों से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।