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Ganga Dussehra 2022: गंगा दशहरा पर गंगा नदी में स्नान और पूजा से नष्ट हो जाते हैं ये 10 पाप, मिलती है मां गंगा की कृपा

Thu, 09 Jun 2022 10:14 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Ganga Dussehra 2022: 9 जून, 2022, गुरुवार को गंगा दशहरा मनाया जाएगा। - फोटो : अमर उजाला
Ganga Dussehra 2022: हिंदू धर्म में गंगाजल को बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना गया है। किसी भी शुभ कार्य और पूजा अनुष्ठान में गंगाजल का प्रयोग अवश्य किया जाता है। गंगाजल के बिना कोई भी मांगलिक कार्य पूरा नहीं होता है। मां गंगा के पृथ्वी पर आने के दिन को गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। सभी पापों से मुक्ति पाने के लिए गंगा दशहरा के दिन गंगा के पवित्र जल में स्नान करना चाहिए। गंगा भवतारिणी हैं, इसलिए हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का विशेष महत्व माना जाता है। 9 जून, 2022, गुरुवार को गंगा दशहरा मनाया जाएगा।  पाप मुक्त दायिनी मां गंगा का स्वर्ग से धरती पर आने तक की कथा का वर्णन विभिन्न हिंदू धर्म ग्रंथों में मिलता है। पौराणिक धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन मां गंगा का अवतरण पृथ्वी पर हुआ था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगीरथ अपने पूर्वजों की आत्मा का उद्धार करने के लिए गंगा को पृथ्वी पर ले आए थे। इसी वजह से गंगा को भागीरथी भी कहा जाता है।  कहा जाता है माता गंगा के प्रबल वेग और प्रवाह को सुनकर मार्कंडेय ऋषि का तप भंग हो रहा था।  इसलिए मार्कंडेय ऋषि ने मां गंगा को आत्मसात कर लिया। बाद में लोक कल्याण की भावना से ऋषि ने मां गंगा को पृथ्वी पर पैर का दाहिना अंगूठा दबाकर मुक्त किया। गंगा दशहरा में 10 की संख्या का बहुत महत्व है।
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ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 9 जून को प्रातः काल 8 बजकर: 21 मिनट से प्रारंभ होकर 10 जून को सायंकाल 7 :25 मिनट तक रहेगी।  - फोटो : अमर उजाला
गंगा दशहरा तिथि 
ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 9 जून को प्रातः काल 8 बजकर: 21 मिनट से प्रारंभ होकर 10 जून को सायंकाल 7 :25 मिनट तक रहेगी। साथ ही इस दिन हस्त नक्षत्र और व्यतिपात योग भी रहेगा। इस योग में स्नान और दान करना अति लाभदायक होता है।
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गंगा दशहरा में 10 की संख्या का बहुत महत्व है। - फोटो : अमर उजाला
गंगा स्नान का महत्व
गंगा दशहरा में 10 की संख्या का बहुत महत्व है। मनुष्य के सभी पापों का विनाश करने वाली मां गंगा में डुबकी लगाने से मनुष्य के सारे पाप धुल जाते हैं।  ऐसी मान्यता है कि दशहरा के दिन गंगा में 10 डुबकी लगानी चाहिए। यहां दशहरा का मतलब 10 मनोवृत्तियों का हनन है। इसलिए मान्यता अनुसार मोक्षदायिनी मां गंगा में स्नान करने से 10 तरह के पाप नष्ट हो जाते हैं। 

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गंगा स्नान और गंगा पूजन करने से 10 प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। - फोटो : अमर उजाला
गंगा स्नान से मिलती है 10 पापों से मुक्ति
गंगा दशहरा का दिन गंगा जी के अवतरण का दिवस माना जाता है। मान्यता है  इस पावन दिन पर गंगा स्नान और गंगा पूजन करने से 10 प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। इन 10 प्रकार के पापों में तीन प्रकार के दैहिक पाप, चार प्रकार के वाणी द्वारा किए हुए पाप और तीन प्रकार के मानसिक पाप दूर होते हैं। 
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गंगा दशहरा पर स्नान, दान, जप, तप, व्रत आदि का बहुत महत्व बताया जाता है। - फोटो : ganga dussehra
10 की संख्या में करें दान
गंगा दशहरा पर स्नान, दान, जप, तप, व्रत आदि का बहुत महत्व बताया जाता है। गंगा दशहरा के दिन 10 प्रकार से स्नान करके, शिवलिंग का 10 की संख्या में गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य और फल इत्यादि से पूजन करना चाहिए। इसके अलावा इस दिन दान देते समय इस बात का खास तौर पर ख्याल रखना चाहिए कि आप जो भी दान करें उसकी संख्या दस होनी चाहिए।  गंगा पूजन के दौरान पूजा में लाई जाने वाली वस्तुओं की संख्या भी दस होनी चाहिए।  ऐसा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
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Ganga Dussehra - फोटो : अमर उजाला
गंगा दशहरा पर करें इस मंत्र का जाप
गंगा दशहरा के पावन पर्व पर मां गंगा की कृपा प्राप्त करने के लिए स्वयं श्री नारायण द्वारा बताए गए विशेष मंत्र का जप करना चाहिए। कहा जाता है इस मंत्र के जाप से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं और उसे परम पुण्य की प्राप्ति होती है। मंत्र इस प्रकार है- ''ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः'' 
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