हिंदू धर्म में किसी भी देवता से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है, भगवान गणेश ज्ञान के देवता हैं और उनकी पूजा करने से किसी भी बाधा को आसानी से दूर करने में मदद मिलती है। बड़ी संख्या में भगवान गणेश को गणपति बप्पा के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि पूर्ण विश्वास और भक्ति के साथ गणेशजी के मंत्रों का जाप करने से जिंदगी के हर पहलू के लिए व्यक्ति को आशीर्वाद प्राप्त होता है। गणेश मंत्र बहुत उपयोगी हैं, क्योंकि यह हर बाधा को दूर करने में मदद करके सकारात्मक परिणाम देते है।
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पहला मंत्र-
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
अर्थ- हे गणेश भगवान, आपका आभामंडल करोड़ों सूर्य के प्रकाश के समान है। मैं आपको नमन करता हूं। कृपया मेरे समस्त कार्य को सदा के लिए विघ्नमुक्त कर दें।
लाभ-
वक्रतुंड मंत्र का जाप करना बहुत फायदेमंद होता है, क्योंकि बाधाओं को दूर करने के लिए यह सबसे प्रभावी मंत्र है। ऐसी स्थितियां जो कुछ समय के लिए हमारे जीवन में बाधाएं खड़ी करती हैं, उन्हें दूर करने के लिए इस मंत्र के नियमित जाप किया जाता है। इस मंत्र का जाप करने से सभी प्रकार के रास्ते और अवसर खुल जाते हैं।
अर्थ- हम भगवान गणपति, जिनके हाथी के दांत हैं और जो सर्वव्यापी है, उनको नमन करते हैं। हम भगवान गणेश जी से प्रार्थना करते हैं कि हमें अधिक बुद्धि प्रदान करें और हमारे जीवन को ज्ञान से रोशन कर दें। हम आपके सामने नतमस्तक होते हैं। लाभ-
गणेश गायत्री मंत्र का जाप पूरे श्रद्धा भाव से करने पर तनाव कम होता है। इस मंत्र को करने से दिमाग शांत रहता है और शरीर स्वस्थ रहता है। यह मंत्र हर तरह के भय को नष्ट करता है।इस मंत्र के प्रभाव से धन और भौतिक लाभ मिलते हैं।
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गणेश उत्सव के शुभकामना संदेश
- फोटो : amar ujala
तीसरा मंत्र-
ॐ गं गणपतये नमः।
अर्थ- सर्वशक्तिमान गणपति को अपने पूरे अस्तित्व के साथ नमन करना और यह कहते हुए अनुग्रह करना कि हे प्रभु आपके गुणों को मैं अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बना सकूं, मुझे इसका अशीर्वाद दो।
लाभ-मान्यता है कि गणेशजी का यह बीज मंत्र जीवन की सभी बाधाओं को दूर करता है और भक्तों को सफलता और समृद्धि का आशीर्वाद देता है। जीवनसाथी के साथ संबंध सुधारने में भी यह मंत्र मददगार हो सकता है।
चौथा मंत्र-
ॐ गणेश ऋणं छिन्धि वरेण्यं हुं नमः फट ||
अर्थ- 'ऋणहर्ता' भगवान गणेश का दूसरा नाम है। इस शब्द का शाब्दिक अर्थ है 'धन का दाता'। इसे और सरल शब्दों में समझें तो ऋणहर्ता का मतलब है जो हमारे ऋण को हर ले और हमें ऋणमुक्त कर दे। भगवान गणेश वह भगवान हैं जो हमें ऋणमुक्त होने का आशीर्वाद देते हैं।
लाभ- ऋणहर्ता मंत्र का नियमित पाठ करने से जीवन में वित्त स्थिति से जुड़ी तमाम बाधाएं दूर हो जाएंगी और आर्थिक स्थिति भी मजबूत बनेगी। इस मंत्र के जाप से व्यक्ति को कर्ज मुक्त होने में मदद मिल सकती है।