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गणेश चतुर्थी 2018: 13 सितंबर को गणपति स्थापना, इन नियमों और बातों को न करें नजरअंदाज

Sat, 08 Sep 2018 11:09 AM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
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गणेश उत्सव 13 सितंबर से शुरू हो रहा है जो 10 दिनों तक चलेगा। इस दिन लोग घरों और कामकाज वाली जगहों पर गणेश जी की स्थापना करते हैं। भगवान गणेश सभी देवों में सबसे पहले पूजे जाने वाले देवता है। इसलिए गणपति की स्थापना से पहले कई जरूरी चीजों का ध्यान रखना चाहिए ताकि पूजा का पूरा फल मिल सके। आइए जानते हैं भगवान गणेश जी स्थापना करते समय किन-किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।
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गणेश जी का स्थापना में वास्तु का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इनकी मूर्ति को पूर्व- उत्तर दिशा में बैठना शुभ होता है। भूलकर भी दक्षिण पश्चिम कोण पर इनकी स्थापना नहीं करनी चाहिए।
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वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर पर भगवान गणेश जी की दो या उससे अधिक मूर्तियों को एक साथ नहीं रखना चाहिए। इससे अशुभ माना जाता है क्योंकि दो मूर्तियों की ऊर्जा आपस में एक साथ टकराने से अशुभ फल मिलता है।

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भगवान गणेश जी की मूर्ति का मुख दरवाजे की तरफ नहीं होना चाहिए। क्योंकि गणेश जी मुख की तरफ समृद्धि, सुख और सौभाग्य होता है। जबकि पीठ वाले हिस्से पर दुख और दरिद्रता का वास  होता है।
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ganesh - फोटो : ganesh
भगवान गणेश जी की मूर्ति को घर पर लाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि  गणेश जी की सूंड बांयी तरफ होना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इस तरह की मूर्ति की उपासना करने पर जल्द मनोकामना पूरी होती है।
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पुराणों के अनुसार, गणेश जी की पीठ के दर्शन करना अशुभ फलदायी होता है। गणेश जी की पीठ पर दरिद्रता का निवास होता है। मान्यता है कि इसके दर्शन करने से व्यक्ति का दुर्भाग्य आता है। 
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