फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गणेश चतुर्थी के दिन नहीं करना चाहिए चांद का दर्शन, इस दिन चंद्रदेव को मिला था श्राप

Wed, 23 Aug 2017 12:17 PM IST
amarujala.com- Presented by: विनोद शुक्ला
विज्ञापन
1 of 5
गणेश चतुर्थी
25 अगस्त को गणेश चतुर्थी है और इसके साथ ही 10 दिनों तक गणेश उत्सव की शुरुआत हो जाएगी। शास्त्रों में गणेश चतुर्थी के दिन चांद के दर्शन करने की मनाही है। भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश का जन्म हुआ था इसलिए इस दिन को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है।

पढ़ें- गणेश चतुर्थी: देवताओं और गजानंद के बीच हुई थी बड़ी बहस, शिवजी ने इस तरह निकाला समाधान
विज्ञापन

2 of 5
चांद
एक बार गणेश जी को चंद्रलोक से भोज का आमंत्रण आया। गणेश जी को मोदक खाना बहुत पंसद होता है इसलिए उनका ध्यान मोदक पर ही था।
विज्ञापन

3 of 5
गणेश जी
गणेश जी ने वहां जी भर कर मोदक खाए और वापस लौटते समय बहुत से मोदक साथ भी ले आए। मोदक बहुत ज्यादा थे, जो उनसे संभाले नहीं गए। उनके हाथ से मोदक गिर गए, जिसे देखकर चंद्र देव अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

4 of 5
गणेश जी
चंद्रदेव को हंसता देख गणेश जी गुस्से में आ गए । क्रोध में आकर उन्होंने चंद्रदेव को श्राप दे दिया कि जो भी उन्हें देखेगा उस पर चोरी का कलंक लग जाएगा। साथ ही चंद्रमा को श्राप दे दिया कि आज से तुम काले हो जाओगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
गणेश चतुर्थी
तब से ऐसी मान्यता है कि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन जो भी कोई चांद के दर्शन करेगा उस पर झूठा आरोप लगेगा। इसलिए भादों महीने की शुक्ल चतुर्थी को चांद के दर्शन नहीं करना चाहिए।   
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें