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Falgun 2021: 28 फरवरी से शुरू हो जाएगा फाल्गुन माह, जानिए क्यों खास होता है यह महीना

Thu, 25 Feb 2021 10:23 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाल्गुन 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
हिन्दू पंचांग में जिस प्रकार पहला माह चैत्र होता है तो वहीं आखिरी माह फाल्गुन होता है। फाल्गुन को फागुन भी कहा जाता है। फाल्गुन माह ऊर्जा और यौवन का महीना होता है। इसलिए यह महीना बेहद खास होता है। इस साल 28 फरवरी से फाल्गुन माह शुरू हो रहा है जो 28 मार्च को समाप्त होगा। आइए जानते हैं इस माह की खास बातें और महत्व।
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फाल्गुन माह वसंत ऋतु में पड़ता है। इस कारण इस महीने प्रकृति सुंदर और यौवन रूप में होती है। - फोटो : सोशल मीडिया
नई ऊर्जा और यौवन का प्रतीक है फाल्गुन माह
फाल्गुन माह वसंत ऋतु में पड़ता है। इस कारण इस महीने प्रकृति सुंदर और यौवन रूप में होती है। वातावरण में नयापन, नई ऊर्जा का संचार बहता है। मानो प्रकृति पूरी ऊर्जा, उत्साह से महक उठती है। वहीं लोगों में भी एक नई ऊर्जा और मस्ती का संचार होता है। कुदरत के नजरिए से फाल्गुन मास जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही यह माह धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। 
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फाल्गुन महाशिवरात्रि का पर्व आता है। - फोटो : amar ujala
फाल्गुन में आते हैं ये प्रमुख त्योहार
इस माह कई त्योहार पड़ रहे हैं, जैसे फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को जानकी जयंती और सीता अष्टमी। फाल्गुन कृष्ण पक्ष एकादशी को विजया एकादशी के नाम से जाना जाता है। तीन दिन बाद चतुर्दशी को भोलेनाथ की आराधना का पर्व महाशिवरात्रि मनाया जाता है। 
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फाल्गुन में होली का त्योहार आता है। - फोटो : Amar Ujala
फाल्गुन पूर्णिमा के दिन खेली जाती है होली
धार्मिक दृष्टि से फाल्गुन अमावस का भी बहुत महत्व होता है। दान, पुण्य, तर्पण आदि के लिहाज से अमावस्या खास फलदायी मानी गई है। फाल्गुन शुक्ल एकादशी को आमलकी एकादशी कहा जाता है। सुख समृद्धि व मोक्ष की कामना हेतु, इस दिन उपवास किया जाता है और विष्णु भगवान की पूजा की जाती है। रात को जागरण करते हुए द्वादशी के दिन व्रत का पारण किया जाता है। फाल्गुन के अंतिम दिन पूर्णिमा या मास पूरा होने की द्योतक तिथि को होलिका पूजन और दहन के बाद अगले दिन रंग खेलने का रिवाज जगजाहिर है।
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