Ekadashi Vrat Niyam: एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस व्रत को करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। एकादशी व्रत करने से व्यक्ति के पाप मिट जाते हैं और जीवन के अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। हर माह में दो एकादशी व्रत आते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, पहले माह चैत्र के कृष्ण पक्ष की एकादशी से इसका प्रारंभ होता है, जिसे पापमोचिनी एकादशी कहा जाता है। वहीं साल की अंतिम एकादशी 'आमलकी एकादशी' के साथ इसका समापन होता है, जो फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर होती है। एकादशी व्रत के लिए कुछ जरूरी नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना बहुत जरूरी होता है। इसके बिना व्रत को पूरा नहीं माना जाता है, इसलिए यदि आप एकादशी व्रत की शुरुआत करने के बारे में सोच रहे हैं, तो इसके लिए आपको शुभ दिन और नियमों के बारे में पता होना चाहिए है।