फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ekadashi 2020: एकादशी व्रत रखने से पहले इन नियमों को जानना है जरूरी

Tue, 13 Oct 2020 12:56 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
एकादशी व्रत के नियम (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social Media
हर माह में दो पक्ष होते हैं, शुक्ल पक्ष कृष्ण पक्ष दोनों पक्षो की ग्याहरवीं तिथि को एकादशी मनाई जाती है। इस तरह से एक वर्ष में कुल मिलाकर 24 एकादशी तिथियां पड़ती हैं, इस व्रत को करने के कल्पतरु के समान फल प्राप्त होता है। एकादशी तिथि का व्रत नियम और निष्ठा पूर्वक करने वाले मनुष्य के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। एकादशी व्रत का महत्व पौराणिक कथाओं और शास्त्रों में भी बताया गया है। इस व्रत की महिमा मनुष्य ही नहीं देवता भी मानते हैं ये व्रत महाभारत काल से लेकर इस काल में भी अतिशुभ फलदायक है। इसलिए इस व्रत को करने से पहले नियम के बारें में जानकारी होना आवश्यक है जानते हैं...
विज्ञापन

2 of 7
lord vishnu
एकादशी तिथि का व्रत रखने से पूर्व जाने ये नियम
जिस दिन एकादशी है उससे एक दिन पहले यानि दशमी तिथि को दिन छिपने से पहले ही भोजन कर लें, रात्रि में भोजन न करें ताकि एकादशी के दिन आपके पेट में भोजन का अंश न रहे। दशमी तिथि को ही पालन कर्ता श्री हरि विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प करें।
विज्ञापन

3 of 7
lord vishnu
एकादशी को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्मों से निवृत्त होकर स्नानादि करने के पश्चात् विष्णु जी की पूजा करें। उनके सामने घी का दीपक जलाएं। धूप दिखाएं नैवेद्य, फल पुष्प आदि अर्पित करें।

4 of 7
lord vishnu - फोटो : Social Media
एकादशी के दिन किसी भी प्रकार का अन्न लेना वर्जित माना गया है। जो लोग व्रत नहीं भी रखते है, उन्हें भी इस दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। एकादशी तिथि को बिना अन्न, जल के व्रत किया जाता है। अगर आप बिना जल के व्रत करने में सक्षम नहीं हैं,  तो केवल फलाहार कर सकते हैं।
विज्ञापन

5 of 7
भगवान विष्णु
एकादशी के व्रत का पारण द्वादशी तिथि को प्रातःकाल में किया जाता है। इसलिए द्वादशी तिथि वाले दिन भी सुबह उठकर स्नानादि करने के बाद विष्णु जी का पूजन करें। उसके बाद किसी ब्राह्मण को भोजन करवाएं और दान-दक्षिणा देने के बाद विदा करें, तत्पश्चात स्वयं व्रत का पारण करें।
विज्ञापन

6 of 7
भगवान विष्णु
एकादशी तिथि को सत्कर्म करते हुए समय व्यतीत करना चाहिए। इस दिन किसी को अपशब्द न कहें न ही किसी की निंदा करें। इससे व्रत का फल नहीं मिलता है। पूरा समय भगवान के स्मरण में लगाएं। ब्रह्मचार्य का पालन अवश्य करें। मन में किसी तरह के बुरे विचार न लाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
भगवान विष्णु
एकादशी तिथि को रात्रि जागरण का बहुत महत्व माना गया है। रात में जागकर विष्णु जी  का ध्यान करते हुए भजन-कीर्तन करें। एकादशी महात्मय का पाठ करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें