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Maha Ashtami 2023: महाष्टमी आज, इस आरती और मंत्र के साथ करें महागौरी की आराधना

Wed, 29 Mar 2023 12:42 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Durga Ashtami 2023 Maa Maha Gauri Aarti Lyrics - फोटो : iStock
Maa Maha Gauri Aarti: मां दुर्गा की उपासना का पावन पर्व चैत्र नवरात्रि का समापन इस साल 30 मार्च को होगा। इसकी शुरुआत 22 मार्च को हुई थी। हिंदू धर्म में मां की उपासना करना भक्तों के लिए बेहद खास माना गया है। आज 28 मार्च को महाष्टमी है। आज के दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा करने वाले भक्तों के सारे बिगड़े काम बन जाते हैं। साथ ही उनके जीवन में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होती है। इसके अलावा मां महागौरी की पूजा में आरती और मंत्र का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि मां महागौरी की आरती सुनने या पढ़ने से समस्त दुख दूर हो जाते हैं। ये रही मां महागौरी की आरती, ध्यान और मंत्र...  

Mahashtami 2023:: महाअष्टमी का पावन पर्व आज, मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए इस विधि से करें कन्या पूजन 
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Durga Ashtami 2023 Maa Maha Gauri Aarti Lyrics - फोटो : iStock
ध्यान
 
वन्दे वांछित कामार्थे चन्द्रार्घकृत शेखराम्।
सिंहरूढ़ा चतुर्भुजा महागौरी यशस्वनीम्॥
पूर्णन्दु निभां गौरी सोमचक्रस्थितां अष्टमं महागौरी त्रिनेत्राम्।
वराभीतिकरां त्रिशूल डमरूधरां महागौरी भजेम्॥
पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानालंकार भूषिताम्।
मंजीर, हार, केयूर किंकिणी रत्नकुण्डल मण्डिताम्॥
प्रफुल्ल वंदना पल्ल्वाधरां कातं कपोलां त्रैलोक्य मोहनम्।
कमनीया लावण्यां मृणांल चंदनगंधलिप्ताम्॥
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Durga Ashtami 2023 Maa Maha Gauri Aarti Lyrics - फोटो : iStock
स्तोत्र पाठ
 
सर्वसंकट हंत्री त्वंहि धन ऐश्वर्य प्रदायनीम्।
ज्ञानदा चतुर्वेदमयी महागौरी प्रणमाभ्यहम्॥
सुख शान्तिदात्री धन धान्य प्रदीयनीम्।
डमरूवाद्य प्रिया अद्या महागौरी प्रणमाभ्यहम्॥
त्रैलोक्यमंगल त्वंहि तापत्रय हारिणीम्।
वददं चैतन्यमयी महागौरी प्रणमाम्यहम्॥
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Durga Ashtami 2023 Maa Maha Gauri Aarti Lyrics - फोटो : iStock
महागौरी की आरती
 
जय महागौरी जगत की माया ।
जय उमा भवानी जय महामाया ॥
हरिद्वार कनखल के पासा ।
महागौरी तेरा वहा निवास ॥
चंदेर्काली और ममता अम्बे
जय शक्ति जय जय मां जगदम्बे ॥
भीमा देवी विमला माता
कोशकी देवी जग विखियाता ॥
हिमाचल के घर गोरी रूप तेरा
महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा ॥
सती 'सत' हवं कुंड मै था जलाया
उसी धुएं ने रूप काली बनाया ॥
बना धर्म सिंह जो सवारी मै आया
तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया ॥
तभी मां ने महागौरी नाम पाया
शरण आने वाले का संकट मिटाया ॥
शनिवार को तेरी पूजा जो करता
माँ बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता ॥
'चमन' बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो
महागौरी माँ तेरी हरदम ही जय हो ॥
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