Nazar Dosh Upay अगर आपके बच्चों को अक्सर नजर दोष का सामना करना पड़ता है, तो यह उपाय आपके लिए बड़े लाभकारी साबित हो सकते हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
Nazar Dosh Remedies In Hindi: कई बार छोटे बच्चे अकारण ही बीमार पड़ जाते हैं, चिड़चिड़े हो जाते हैं या बहुत ज्यादा रोने लगते हैं। ऐसे असामान्य व्यवहार के पीछे का कारण नजर दोष भी हो सकता है। दरअसल छोटे बच्चे नजर दोष से अधिक जल्दी प्रभावित होते हैं। ज्योतिष के अनुसार, जिन बच्चों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है, उन्हें नजर जल्दी लगती है। इसके अलावा बच्चे स्वभाव से कोमल, आकर्षक और सरल होते हैं, इसलिए वे जल्दी ध्यान खींचते हैं और नजर बद का प्रभाव अधिक महसूस करते हैं। ज्योतिष में इस नजर दोष से बचने के कुछ आसान उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आप उन्हें इस समस्या से बचा सकते हैं। अगर आपके बच्चों को अक्सर नजर दोष का सामना करना पड़ता है, तो यह उपाय आपके लिए बड़े लाभकारी साबित हो सकते हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
नजर उतारने के उपाय
तांबे के लोटे का उपाय
यदि बच्चे को नजर लगी हो, तो वह चिड़चिड़ापन, उदासी या हल्का बुखार जैसी स्थिति महसूस कर सकता है। ऐसे में तांबे के लोटे में पानी और ताजे फूल लेकर, बच्चे के सिर से 7 या 11 बार उतारें। इसके बाद यह पानी किसी गमले या पौधे में डाल दें।
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नमक से नजर उतारना
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नमक से नजर उतारना
मान्यता है कि चुटकीभर नमक लेकर उसे बच्चे के सिर से सात बार उतारने के बाद टॉयलेट के पानी में बहा देने से नजर दोष का असर समाप्त होता है।
सूखी मिर्च और सरसों का प्रयोग
सूखी मिर्च और सरसों के दाने लेकर उन्हें बच्चे के सिर से वार लें, फिर इन्हें बाहर किसी अंगारे पर जला दें। अगर जलने पर तेज गंध आए तो समझें सब ठीक है, लेकिन गंध न आने का मतलब है कि बच्चे पर नजर का असर था।
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सिंदूर का उपाय
यदि बच्चे को बार-बार नजर लग जाती है, तो शनिवार को किसी हनुमान मंदिर जाएं। हनुमानजी की मूर्ति के कंधे का थोड़ा सिंदूर लेकर प्रतिदिन बच्चे के माथे पर लगाएं। इससे नजर दोष का प्रभाव काफी कम हो जाता है।
फिटकरी और सरसों का उपाय
बार-बार नजर लगने से बच्चे का विकास भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में फिटकरी और सरसों लेकर बच्चे के सिर से सात बार वारें और फिर इन्हें गैस की आंच पर जला दें। मान्यता है कि इससे नजर दोष का प्रभाव समाप्त होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।