दिवाली पर धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इस वर्ष दिवाली का पूजन 14 नवंबर शनिवार के दिन किया जाएगा। दिवाली का त्योहार अमावस्या की रात को मनाया जाता है। दिवाली की रात्रि कार्य सिद्धि के लिए बहुत शुभ मानी जाती है। माना जाता है कि इस दिन किए गए पूजा अनुष्ठान सफल होते हैं। इसलिए यह रात्रि तंत्र साधना करने वालों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण होती है। क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा चमत्कारिक पाठ है, जिसको पूरी निष्ठा के साथ करने से आप हर विघ्न बाधा से मुक्ति पा सकते हैं। जी हां यह पाठ है कुंजिका स्तोत्र। कुंजिका स्तोत्र का पाठ मुख्यतः नवरात्रि में किया जाता है, लेकिन जानकारों के मुताबिक दिवाली की रात में यह पाठ करने से आपको कई आश्चर्यजनक शुभ लाभ हो सकते हैं। इस पाठ के बारे में मान्यता है कि इसे करने से व्यक्ति को कष्टों से मुक्ति मिलती है, धन प्राप्ति होती है, व्यक्ति का भाग्य उसका साथ देने लगता है, जिससे कार्यों में सफलता प्राप्त की जा सकती है। कुंजिका स्तोत्र का पाठ करने से सप्तशती का पाठ करने के समान फल प्राप्त होता है, लेकिन यह पाठ सप्तशती से आसान होने के साथ ही प्रभावशाली भी है। इसे 'श्री सिद्धकुंजिका स्त्रोतम' के नाम से जाना जाता है। इसके मंत्र स्वतः सिद्ध किए हुए हैं, इसलिए इन्हें अलग से सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं होती है। कहा जाता है कि इस स्तोत्र का पाठ नियमित रुप से करने वाले मनुष्य की हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है। जानते है सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के लाभ...