कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की अमावस्या को दिवाली के रूप में मनाया जाता है। इस साल दिवाली 14 नवंबर को शनिवार के दिन मनाई जाएगी। इस दिन सूर्यास्त के बाद माता लक्ष्मी की आराधना करने का प्रावधान है। इस दिन मां महालक्ष्मी के साथ भगवान गणेश, कोषाध्क्ष कुबेर, ज्ञान की देवी सरस्वती, कुलदेवता तथा इष्ट देव आदि की पूजा-आराधना करते हैं। पौराणिक कथाओं और मान्यताओं के अनुसार इस दिन धन की देवी मां महालक्ष्मी कार्तिक अमावस्या की मध्यरात्रि के समय अपने भक्तों के घर आती हैं और उन्हें धन-धान्य एवं सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। ज्योतिष एवं वास्तु के अनुसार कुछ चीजें ऐसी होती है, जिनके घर में रहने से नकारात्मकता आती हैं और मां लक्ष्मी आपसे रुष्ट हो सकती है। इन चीजों को दिवाली से पहले ही घर से बाहर निकाल देना चाहिए।