कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस के साथ पांच दिवसीय दीपोत्सव यानि दिवाली के पर्व का आंरभ हो जाता है जो भाई दूज तक चलता है। धनतेरस पर धनवंतरी भगवान की पूजा का प्रावधान है तो वहीं इस दिन कुछ लोग शिव प्रदोष व्रत भी करत है। धनतेरस के अगले दिन चतुर्दशी तिथि होती है। जिसे नरकचतुर्दशी, रुपचौदस और छोटी दिवाली के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भी मासिक शिवरात्रि का व्रत करके लोग नरकचतुर्दशी का पूजन करते हैं। लेकिन इस बार यह त्योहार 5 दिन की बजाय 4 दिन का पड़ रहा है। तिथियों को हेर-फेर के कारण लोग उलझन में हैं कि किस दिन क्या किया जाए। अगर आप भी इसी असमंजस की स्थिति में है कि धनतेरस का पूजन कब करें और नरकचतुर्दशी कब मनाएं तो आपकी उलझन दूर हो सकती है। जानिए त्रयोदशी और चतुर्थी तिथि के मुहूर्त की पूरी जानकारी...