आषाढ़ शुक्ल की एकादशी 20 जुलाई को पड़ रही है। इस दिन से भगवान विष्णु 4 महीने के लिए योग निद्रा में चले जाएंगे। मान्यता है कि इन 4 महीनों के दौरान जगत की देखरेख भगवान शिव करते हैं। इस दौरान किसी भी प्रकार का शुभ कार्य नहीं किया जाता। लोगों का मानना है कि भगवान इस दौरान निद्रा में होते हैं। ऐसे में शुभ कार्य करने के बाद उनका आशीर्वाद नहीं मिल पाता है। इस कारण विवाह, दीक्षा ग्रहण, ग्रहप्रवेश, यज्ञ, यज्ञोपवीत संस्कार जैसे शुभ कार्य इन 4 महीनों के बीच नहीं होते हैं। देवशयनी एकादशी के 4 महीनों के बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी को भगवान अपनी निद्रा से जागते हैं। इस तिथि को देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। ऐसे में अगर आप देवशयनी एकादशी पर इन कार्यों को करते हैं, तो आपको इसके कई शुभ फल मिलेंगे। मान्यता है कि इन कार्यों को करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है।