देवउठनी एकादशी पर ज़रूर करें ये उपाय
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देवउठनी एकादशी पर ज़रूर करें ये उपाय
तुलसी का श्रृंगार और पूजा: देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी की पूजा करते समय उसके तने में लाल कलावा बांधें। इसके बाद तुलसी चालीसा का पाठ करें और तुलसी माता को चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, बिछिया और चुनरी पहनाएं। अगले दिन यह सुहाग का सामान किसी जरूरतमंद सुहागिन महिला को दान कर दें और उनके चरण स्पर्श करें। तुलसी के पौधे के सामने हाथ जोड़कर प्रार्थना करने से दांपत्य जीवन में खुशहाली और जीवन में तरक्की मिलती है।
मुख्य द्वार पर दीपक जलाना: शाम के समय घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर घी का दीपक जलाएं और दरवाजा खोलकर मां लक्ष्मी का स्वागत करें। साथ ही ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में भी रात 12 बजे तक दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करने से घर में देवताओं का वास होता है और सभी शुभ कार्य सफल होते हैं।
भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करना: देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी के पत्ते अर्पित करना अनिवार्य है। इसके साथ भगवान को उनकी प्रिय वस्तुएं जैसे सिंघाड़ा, गन्ना, मूली, शकरकंदी और केले चढ़ाएं। तुलसी के बिना भोग अधूरा माना जाता है।
तुलसी पर कच्चा दूध और गन्ने का रस चढ़ाना: तुलसी माता को इस दिन कच्चा दूध चढ़ाने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। तुलसी के गमले के सामने घी का दीपक जलाएं और तुलसी की जड़ में गन्ने का रस चढ़ाएं। इससे आर्थिक संकट दूर होता है और घर में संपन्नता आती है।
परिक्रमा और दीपक की पूजा: प्रदोष काल में तुलसी के सामने घी का दीपक जलाएं और तुलसी के चारों ओर 11 बार परिक्रमा करें। इसके बाद हाथ जोड़कर तुलसी की स्तुति करें। ऐसा करने से लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होते हैं और मां लक्ष्मी पूरे परिवार को सुखी और समृद्ध बनाएंगी।
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