Chaturmas 2026 Start Date: सनातन धर्म में चातुर्मास को आध्यात्मिक साधना, आत्मशुद्धि और अनुशासित जीवन के लिए अत्यंत पवित्र काल माना गया है। ‘चातुर्मास’ शब्द का अर्थ ही चार महीनों की अवधि है, जो आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से आरंभ होकर कार्तिक मास की देवप्रबोधिनी एकादशी तक चलती है। यह समय केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि जीवनशैली और स्वास्थ्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
चातुर्मास में क्या होता है?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इन चार महीनों के दौरान भगवान विष्णु क्षीर सागर में शेषनाग की शय्या पर योग निद्रा में चले जाते हैं। इसी कारण इस अवधि को देवों के विश्राम काल के रूप में देखा जाता है। इस दौरान सृष्टि के संचालन की जिम्मेदारी भगवान शिव के हाथों में मानी जाती है। भगवान विष्णु निद्रावस्था में रहते हैं, इसलिए इस समय विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों को टालने की परंपरा है, जबकि पूजा-पाठ, व्रत और तप के लिए यह सर्वोत्तम समय माना गया है।