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Kamada Ekadashi: धन की समस्या से मिलेगा हमेशा के लिए छुटकारा, एकादशी पर करें तुलसी माता के इन मंत्रों का जाप

Tue, 08 Apr 2025 06:28 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एकादशी के दिन तुलसी पूजन का विशेष स्थान होता है। मान्यता है कि भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय हैं। इस दिन यदि भक्त तुलसी माता के विभिन्न पावन नामों का जाप करता है, तो उसे कभी भी धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है। 
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तुलसी पूजन का महत्व - फोटो : freepik
Maa Tulsi Puja: हिंदू पंचांग में प्रत्येक माह की दोनों पक्षों शुक्ल और कृष्ण की एकादशी तिथियों को अत्यंत शुभ माना गया है। इन तिथियों पर विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा और व्रत का किया जाता है। चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी कहा जाता है। इस दिन का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व होता है। वर्ष 2025 में यह व्रत 8 अप्रैल को रखा जाएगा। इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु के साथ-साथ देवी लक्ष्मी की आराधना की जाती हैं, जिससे भक्त को पुण्य की प्राप्ति के साथ-साथ जीवन में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति का अनुभव होता है।
 

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तुलसी पूजन का महत्व - फोटो : adobe stock
तुलसी पूजन का महत्व
एकादशी के दिन तुलसी पूजन का विशेष स्थान होता है। मान्यता है कि भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय हैं। इस दिन यदि भक्त तुलसी माता के विभिन्न पावन नामों का जाप करता है, तो उसके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। इसके साथ ही साधक को कभी धन की कमी का सामना भी नहीं करना पढ़ता है। 
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तुलसी पूजन का महत्व - फोटो : adobe stock
ऐसा माना जाता है कि तुलसी माता के नामों का जाप करने से जीवन में सौभाग्य, धन-संपदा, मानसिक शांति और अध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ती होती है। कामदा एकादशी व्रत रखने से न केवल व्यक्ति के पाप क्षय होते हैं, बल्कि उसकी इच्छाएं भी पूर्ण होने लगती हैं।

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मां तुलसी के 8 नामों का जप और उनका महत्व - फोटो : Freepik.com
मां तुलसी के 8 नामों का जप और उनका महत्व
ॐ श्री तुलस्यै नमः

यह नाम मां तुलसी की सम्पूर्ण महिमा का प्रतीक है। इसके जप से साधक की आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है।
ॐ नन्दिन्यै नमः
इस नाम का जाप जीवन में आनंद, संतुलन और सुख-शांति का संचार करता है। 
ॐ देव्यै नमः
इसके उच्चारण से जीवन में आशा, विश्वास और सकारात्मकता का वातावरण बनता है।
ॐ शिखिन्यै नमः
यह नाम मानसिक स्थिरता और आंतरिक शांति का प्रतीक है। इसके जाप से अनावश्यक तनाव और अशांति कम होती है।
 
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मां तुलसी के 8 नामों का जप और उनका महत्व - फोटो : Adobe stock
ॐ धारिण्यै नमः
इसका जप व्यक्ति के जीवन में संतुलन, स्थिरता और संकल्प शक्ति को मजबूत करता है।
ॐ धात्र्यै नमः
इस मंत्र के माध्यम से समृद्धि और भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है।
ॐ सावित्र्यै नमः
इसके जाप से मन और शरीर में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होता है।
ॐ सत्यसन्धायै नमः
इसके जप से साधक को जीवन में सच्चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
 
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