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Mantra Jaap: श्राद्ध पक्ष में इन मंत्रों का जाप लाएगा सुख-समृद्धि और पितरों का आशीर्वाद

Sat, 13 Sep 2025 05:03 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

pitru Paksha: पितृ पक्ष में उच्चारित किए जाने वाले ये मंत्र न केवल हमारे पूर्वजों को सम्मानित करते हैं, बल्कि उनसे आशीर्वाद भी प्राप्त करते हैं। कहा जाता है कि इन पवित्र मंत्रों का नियमित जाप पितृदोष को दूर करने में मदद करता है और परिवार में सौभाग्य और खुशहाली लाता है।
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pitru paksha - फोटो : amar ujala
पितृ पक्ष, जिसे श्राद्ध पक्ष भी कहा जाता है, भारतीय संस्कृति में एक बेहद महत्वपूर्ण अवधि है। इस समय हम अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध और तर्पण जैसे धार्मिक कर्म करते हैं। पितृ पक्ष का सबसे बड़ा उद्देश्य अपने पितरों को खुश करना और उनकी कृपा प्राप्त करना होता है। इस दौरान पितृों की पूजा के साथ-साथ विशेष मंत्रों का जाप करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है, जो पितृओं की प्रसन्नता के साथ-साथ हमारे जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लेकर आता है।
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पितृ पक्ष में उच्चारित किए जाने वाले ये मंत्र न केवल हमारे पूर्वजों को सम्मानित करते हैं, बल्कि उनसे आशीर्वाद भी प्राप्त करते हैं। कहा जाता है कि इन पवित्र मंत्रों का नियमित जाप पितृदोष को दूर करने में मदद करता है और परिवार में सौभाग्य और खुशहाली लाता है। इसलिए, पितृ पक्ष में मंत्रों का जाप करना एक प्रभावशाली और पावन साधना है, जिसे सभी को अपने हृदय से करना चाहिए।
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pitru paksha - फोटो : amar ujala
पितृ तर्पण मंत्र
ॐ पितृभ्यः स्वधा नमः।

पितृ शांति मंत्र
ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

श्राद्ध मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः।

पितृ दोष निवारण मंत्र
ॐ सर्व पितृ देवताभ्यो नमः।

गायत्री पितृ दोष निवारण मंत्र
ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च।
नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः।
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मंत्र जाप के लिए कुशा या ऊन के आसन का उपयोग करें। - फोटो : freepik
पितृ पक्ष मंत्र जाप विधि
  • मंत्र जाप से पहले सूर्योदय से पहले स्नान कर लें और पूजा स्थल को पूरी तरह से शुद्ध करें।
  • मंत्र जाप के लिए कुशा या ऊन के आसन का उपयोग करें।
  • पूजा स्थल पर घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं।
  • अपने पितरों का स्मरण करें और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करें।
  • इसके बाद किसी भी उपरोक्त मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • मंत्र जाप के बाद तिल और जल से तर्पण अवश्य करें।

 
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मंत्र जाप से घर और मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे तनाव कम होता है, मन शांत रहता है और परिवार में सौहार्द बढ़ता है। - फोटो : Amar Ujala
पितृ पक्ष मंत्र जाप के लाभ
  • मंत्र जाप से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और वे प्रसन्न होते हैं। इससे उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है, जो जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाता है।
  • कई बार जन्मजात या पूर्वजों के कर्मों के कारण पितृ दोष होता है, जिससे जीवन में अड़चनें, रोग और परेशानियां आती हैं। मंत्र जाप से ये दोष कम होते हैं और जीवन में बाधाएं दूर होती हैं।
  • मंत्र जाप से घर और मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे तनाव कम होता है, मन शांत रहता है और परिवार में सौहार्द बढ़ता है।
  • नियमित मंत्र जाप से आध्यात्मिक उन्नति होती है। यह मन को शुद्ध करता है, एकाग्रता बढ़ाता है और जीवन के सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
  • पितृ पक्ष के मंत्र जाप से धन-संपदा और कार्यों में सफलता मिलती है। जीवन में आने वाली सभी बाधाएं और नकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाते हैं।
  • पितृ दोष दूर होने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। रोग और कष्ट कम होते हैं और जीवन में ऊर्जा का संचार होता है।
  • मंत्र जाप से परिवार में आपसी समझ और प्रेम बढ़ता है। पारिवारिक रिश्ते मजबूत होते हैं और सभी में एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सद्भावना बढ़ती है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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