आचार्य चाणक्य विद्वान होने के साथ एक अच्छे शिक्षक भी थे। उनकी बताई बातें और शिक्षाएं मनुष्य के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण होती है, उन्होंने अपनी चाणक्य नीति में कई ऐसी बाते बताई हैं जिनके अनुसार कुछ कार्यों में संयम बरतना आवश्यक होता है, नहीं तो व्यक्ति को नुकसान उठाना पड़ सकता है। कुछ चीजे ऐसी हैं जिनके पीछे मनुष्य निरंतर भागता रहता है, और उसे पाने का प्रयास करता रहता है लेकिन अत्यधिक लालच या किसी चीज को लेकर अत्यधिक असंतोष नुकसानदायक होता है। इसलिए कुछ चीजों के लिए संतोष रखना जरूरी होता है।