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चाणक्य नीति: इन तीन बातों को ध्यान में रखने वाले कार्यस्थल पर हमेशा पाते हैं सम्मान, लोग होते हैं प्रभावित

Tue, 05 Jan 2021 05:29 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
आचार्य चाणक्य की गिनती आज भी श्रेष्ठ विद्वानों में की जाती है। उन्होंने अपने जीवन में हर तरह की परिस्थितियों का सामना किया फिर भी कभी हार नहीं मानी। अपने शत्रु को पराजय का मुख दिखाकर इतिहास की धारा को एक नया मोड़ दिया। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव और ज्ञान को मानव हित के लिए नीति शास्त्र में पिरोया है। आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में मनुष्य के जीवन से जुड़े कई पहलुओं के बारे में महत्वपूर्ण बातें बताई हैं। चाणक्य नीति कहती है कि व्यक्ति को यदि जीवन में सफल होना है या सम्मान प्राप्त करना है तो सबसे पहले अपने आचरण को श्रेष्ठ बनाना चाहिए। अच्छा आचरण ही व्यक्ति को सफल और सम्मान का भागी बनाता है। तो चलिए जानते हैं कि अपने आचरण से संबंधित किन बातों को ध्यान में रखना आवश्यक होता है।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
दूसरों को भी ध्यान से सुनें
जब कार्य को लेकर किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो रही हो या आप किसी महत्वपूर्ण बैठक का हिस्सा हो,उस समय आराम से अपनी बात कहें और दूसरे को भी बात रखने का मौका दें और उसकी बात को ध्यान पूर्वक सुनें-समझे। जो लोग केवल स्वयं ही बोलते रहते हैं, दूसरों की बात को ध्यानपूर्वक नहीं सुनते हैं,वे लोगों को प्रभावित नहीं कर पाते हैं।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
प्रश्न करने पर विनम्र रखें अपना स्वाभाव
कार्यस्थल पर व्यवहार में शालीनता रखना बहुत आवश्यक होता है। जब कोई आपसे बात करें खासतौर पर जब कोई व्यक्ति प्रश्न करे तो शालीनता और विनम्रता के साथ उत्तर दें। कार्य से संबंधित बातों की जानकारी रखें ताकि तथ्यों के साथ अपने उत्तर से सभी को संतुष्ट कर सकें। जो लोग अपने कार्य के बारे में भलिभांति जानकारी रखते हैं। सभी लोग उनसे प्रभावित होते हैं। ऐसे लोगों को सफलता और सम्मान दोनों प्राप्त होते हैं।
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Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
अपने अंदर न आने दें अहंकार 
चाणक्य नीति और हर विद्वान व्यक्ति की यही शिक्षा होती है कि कभी मन में अहंकार नहीं लाना चाहिए। जो लोग बिना किसी अहंकार के सभी के साथ समान विनम्र व्यवहार करता है, वह हर स्थान पर सम्मान प्राप्त करता है।
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