आचार्य चाणक्य
- फोटो : Social media
दूसरों को भी ध्यान से सुनें
जब कार्य को लेकर किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो रही हो या आप किसी महत्वपूर्ण बैठक का हिस्सा हो,उस समय आराम से अपनी बात कहें और दूसरे को भी बात रखने का मौका दें और उसकी बात को ध्यान पूर्वक सुनें-समझे। जो लोग केवल स्वयं ही बोलते रहते हैं, दूसरों की बात को ध्यानपूर्वक नहीं सुनते हैं,वे लोगों को प्रभावित नहीं कर पाते हैं।