फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चाणक्य नीति: अगर पाना चाहते हैं जीवन में सफलता, तो इन सात व्यसनों से दूर रहें विद्यार्थी

Wed, 31 Mar 2021 11:29 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 8
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
आचार्य चाणक्य के एक श्रेष्ठ विद्यार्थी होने के साथ एक अच्छे शिक्षक भी थे। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध तक्षशिला विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और वही पर शिक्षक के रूप में विद्यार्थियों को शिक्षा भी प्रदान की, इसलिए वे शिक्षा के महत्व को भलिभांति समझते थे। आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी भी व्यक्ति के जीवन में विद्यार्थी जीवन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। यही समय आने वाले भविष्य की नींव होता है, इसलिए इस समय विद्यार्थियों को अवगुणों से दूर रहना चाहिए और ज्ञान अर्जित करने पर ध्यान देना चाहिए।
विज्ञापन

2 of 8
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
काम की भावना से बनाएं दूरी
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि विद्यार्थियों को काम की भावना से दूर रहना चाहिए। काम की भावना से ज्ञान अर्जन से ध्यान भटकता है।
विज्ञापन

3 of 8
Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
क्रोध से बचें
क्रोध के कारण व्यक्ति का उसके मन-मस्तिष्क का संतुलन खो जाता है। ऐसी स्थिति में ज्ञानार्जन के लिए मस्तिष्क एकाग्र नहीं रहता हैं। इसलिए क्रोध का त्याग करना चाहिए।

4 of 8
Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
लोभ
ज्ञानार्जन के समय विद्यार्थी को व्यक्ति, वस्तु और धर्म तीनों तरह के लोभ से दूर रहना चाहिए। कहने का तात्पर्य यह है कि न ही किसी व्यक्ति विशेष के मोह में पड़ना चाहिए और न ही किसी प्रकार के धन का लोभ करना चाहिए। इसके साथ ही व्यक्ति को किसी प्रकार के धार्मिक लाभ में भी नहीं पड़ना चाहिए।
विज्ञापन

5 of 8
Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
स्वादिष्ट व्यंजन
विद्यार्थी जीवन में व्यक्ति को खान पान का संतुलन बनाए रखना चाहिए। स्वादिष्ट व्यंजनों के कारण अधिक भोजन करने से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है जिससे ज्ञानार्जन में बांधा आती है।
विज्ञापन

6 of 8
Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
श्रृंगार-
विद्यार्थी जीवन में व्यक्ति को ज्यादा श्रंगार और सजने-संवरने से परहेज करना चाहिए। श्रृंगार की तरफ आकर्षित होने वाले का ध्यान ज्ञान अर्जन से भटक जाता है। जो सफलता में बाधा बनता है।
विज्ञापन

7 of 8
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
हास्य विनोद- 
विद्यार्थी जीवन में अपनी पढ़ाई के प्रति गंभीर होना अति आवश्यक होता है, इसलिए विद्यार्थियों को आवश्यकता से अधिक हास्य विनोद में नहीं पड़ना चाहिए।
 
विज्ञापन

8 of 8
Chanakya Success Mantra
नींद
विद्यार्थियों को एक निश्चित समय पर सोना चाहिए और निश्चित समय पर उठकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। अत्यधिक नींद आलस्य को उत्पन्न करती है और आलस्य सफलता में सबसे बड़ा बाधक है। यही कारण है कि विद्यार्थियों को अधिक नींद से दूर रहना चाहिए।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें