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चाणक्य नीति: भूलकर भी किसी को नहीं बतानी चाहिए ये बातें, करना पड़ता है अपमान का सामना

Thu, 10 Dec 2020 06:34 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
चाणक्य नीति कुशाग्र बुद्धि के धनी व्यक्ति थे। उनकी गिनती भारत के श्रेष्ठ विद्वानों में की जाती है। चाणक्य को कई विषयों की गहरी समझ थी। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध तक्षशिला विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्ति की और वहीं पर विद्यार्थियों को शिक्षा भी प्रदान की। अपनी बुद्धि और अनुभव के आधार पर नीतिशास्त्र लिखा। नीतिशास्त्र की बातें आज के जीवन में भी बहुत महत्व रखती हैं। चाणक्य के नीति शास्त्र में कुछ ऐसी बातों का उल्लेख है जिन्हें किसी को नहीं बताना चाहिए। इन बातों को दूसरो को सामने बताने या जाहिर करने से आपको अपमान की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। जानते हैं कि वे कौन सी बातें है जो दूसरो को नहीं बतानी चाहिए। 
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
औषधियों के विषय में
चाणक्य नीति कहती है कि यदि आप किसी रोग से पीड़ित है, जिसके कारण आप दवाइयों का सेवन करते हैं तो अपने रोग और दवाइयों के बारे में आप दूसरो को न बताएं। हांलाकि विशेष परिस्थितियों में यह बात परिजनों से नहीं छिपानी चाहिए। 
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
घर का भेद कभी किसी के सामने न करें जाहिर
चाहे परिस्थिति कैसी भी हो परिवार में झगड़ा हो या किसी सदस्य के भीतर कोई कमी हो तो उसे किसी के भी सामने न कहें। लोग आपके सामने सहानुभूति दिखाते हैं परंतु यह आपके परिवार के उपहास का कारण बन सकता है साथ ही शत्रु इसका फायदा उठा सकते हैं। 

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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
पति-पत्नी की निजी बातें 
पति-पत्नी का संबंध ऐसा होता है जिसमें प्यार के साथ लड़ाई-झगड़ा भी होता है साथ ही यह संबंध बहुत निजी होता है। वैवाहिक जीवन या संबंधों से जुड़ी बातें किसी तीसरे व्यक्ति के सामने नहीं करनी चाहिए। इससे आपको और आपकी पत्नी को अपमान का सामना करना पड़ सकता है। 
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
धन के बारे में
धन से संबंधित गुप्त बाते कभी किसी के सामने नहीं करनी चाहिए। इससे आपको धन हानि उठानी पड़ सकती है। चाणक्य के अनुसार निंदा की बातें अपने तक ही रखनी चाहिए। जो लोग दूसरो की निंदा करते हैं उन्हें अपमान का सामना करना पड़ता है। 
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