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चाणक्य नीति: इन कार्यों में न करें संकोच, जीवन में मिलेगी सफलता

Sat, 17 Oct 2020 05:09 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
आचार्य चाणक्य राजनीति और कूटनीति में कुशल विद्वान थे। चंद्रगुप्त मौर्य को सम्राट बनाने में चाणक्य का महत्वपूर्ण योगदान था। चंद्रगुप्त मौर्य उन्हें अपना गुरु मानते थे। चाणक्य मौर्य वंश के महांमत्री थे, परंतु में महल में न रहकर वहां से दूर साधारण सी कुटिया में रहकर सादा जीवन व्यतीत करते थे। उन्होंने तक्षशिला से शिक्षा प्राप्त की और वहीं पर शिक्षक रहकर शिक्षा भी प्रदान की। राजनीति, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र आदि कई विषयों में उनकी समझ बहुत गहन थी। अपने ज्ञान और अनुभव के आधार पर उन्होंने कई ग्रंथों की रचना की। चाणक्य की नीतियां आज के समय में भी व्यक्ति के जीवन में पूरी तरह से सार्थक बैठती हैं। अगर उनकी नीतियों के सार को सही प्रकार से समझकर अपने जीवन में उपयोग किया जाए, तो व्यक्ति सुखी और सफल हो सकता है। अपनी नीति में चाणक्य ने कुछ बातें बताई हैं जिसके अनुसार तीन चीजों में कभी संकोच नहीं करना चाहिए तभी व्यक्ति सफल हो सकता है।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
गुरु से शिक्षा प्राप्त करते समय
चाणक्य के अनुसार किसी भी विद्यार्थि को शिक्षा ग्रहण करते समय संकोच नहीं करना चाहिए। ज्ञान प्राप्त करने का समय ही सबसे महत्वपूर्ण होता है इसलिए अगर आपके मन में किसी प्रकार का कोई प्रश्न हो तो तुरंत पूछ लेना चाहिए। क्योंकि जिज्ञासा को शांत करना बहुत जरुरी होता है अन्यथा ज्ञान अधूरा रह जाता है। अधूरा ज्ञान प्राप्त करके आप जीवन में सफल नहीं हो सकते हैं।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
करोबार और धन के मामले में
करोबार और धन के मामले में कभी भी संकोच नहीं करना चाहिए। अगर आप कारोबार की बात करते समय संकोच करेंगें तो कई बाते स्पष्ट नहीं हो पाएंगी। जिससे आपको कारोबार में परेशानी हो सकती है इसलिए करोबार की बात निसंकोच करनी चाहिए। ताकि आप करोबार में सफल हो सकें। इसी तरह से धन के मामले में संकोच न करें यदि आपने किसी को धन दे रखा है तो उसे मांगने में संकोच न करें।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
भोजन करते समय नहीं करना चाहिए संकोच
चाणक्य कहते हैं कि वैसे तो अति से ज्यादा भोजन सेहत को हानि पहुंचाता है इसलिए अधिक भोजन का उपभोग नहीं करना चाहिए। परंतु भोजन करते समय संकोच भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि भोजन से ही हमें शक्ति प्राप्त होती है और हमारा स्वास्थय सही रहता है। सही से भोजन न करने पर स्वास्थय पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। खराब स्वास्थ्य के साथ सफल नहीं हो सकते हैं।
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