फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चाणक्य नीति: जिनके अंदर होते हैं ये चार अवगुण, कभी नहीं बनते हैं धनवान और सफल

Wed, 10 Feb 2021 02:50 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
आचार्य चाणक्य एक महान कूटनीतिज्ञ, रणनीतिकार और अर्थशास्त्री थे। आज के समय में भी इनकी गिनती श्रेष्ठ विद्वानों में की जाती है। इनके द्वारा अर्थशास्त्र के अलावा भी कई और शास्त्र लिखे गए। जिनमें से नीतिशास्त्र की बातें जनमानस में आज भी प्रासंगिक हैं। किताबी विषयों के साथ आचार्य चाणक्य की नीतियां व्यवहारिक ज्ञान पर भी आधारित हैं जो मनुष्य को सही राह पर चलकर सफल होने का मार्ग दिखाती हैं। आचार्य चाणक्य ने धनवान बनने और सफलता प्राप्त करने के लिए कई नीतियों का वर्णन किया है। चाणक्य ने मनुष्य में कुछ अवगुणों के बारे में बताया है। जिसमें ये अवगुण होते हैं वह कभी धनवान और सफल नहीं हो पाता है, इसलिए मनुष्य को इन अवगुणों को अपने अंदर से निकाल देना चाहिए।
विज्ञापन

2 of 5
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
अधर्म के मार्ग पर चलने वाला
आचार्य चाणक्य के अनुसार जो व्यक्ति अधर्म के मार्ग पर चलता है, वह स्वयं को पतन की ओर ले जाता है। अधर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कभी धनवान और सफल नहीं हो पाता है। यदि कोई धर्म को त्यागकर अर्धम के मार्ग पर चलकर सफल या धनवान बनता है, तो भी वह व्यक्ति बहुत जल्दी नष्ट हो जाता है। इसलिए व्यक्ति को हमेशा धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए।
विज्ञापन

3 of 5
Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
देर से उठना और स्वच्छ न रहना
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति अपनी साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखता है। अपने अपने आस-पास वातावरण को गंदा रखता है और सूर्योदय के बाद भी सोता रहता है। ऐसे लोगों पर मां लक्ष्मी कृपा नहीं करती हैं। जिन लोगों में ये अवगुण होते हैं वे कभी धनवान और सफल नहीं हो पाते हैं।

4 of 5
Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
कठोर वाणी बोलने वाला
आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को कठोर वाणी नहीं बोलनी चाहिए। इससे सफलता प्राप्ति और धनवान बनने की राह में समस्या आती है। चाणक्य नीति के मुताबिक व्यक्ति को इसन अवगुण का त्याग उदारता, वचनों में मधुरता लेकर आनी चाहिए। जो व्यक्ति मधुरवाणी बोलता है, उसपर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। मधुरवाणी किसी को भी प्रभावित करने में सक्षम होती है. इसलिए मधुरवाणी बोलने वाला अपने जीवन में सफलता हासिल करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
दूसरों को कमतर आंकने वाला
आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को दूसरे को अपने से कमतर नहीं आकना चाहिए। जो लोग सामने वाले को अपने से कमतर आकते हैं, उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। चाहें सामने वाला आपका शत्रु हो या फिर मित्र, उसे कभी भीअपने से कमतर नहीं आकना चाहिए। जो लोग इस भुलावे में रहते हैं, वे सफलता हासिल करने में पीछे रह जाते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें