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चाणक्य नीति: अगर संबंधों को रखना चाहते हैं मजबूत तो इन बातों का रखें ध्यान

Fri, 05 Feb 2021 01:38 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
चाणक्य नीति के अनुसार व्यक्ति को सफल होने के लिए अच्छे संबंधों की अहम भूमिका होती है। चाहें वे व्यापारिक संबंध हो या फिर निजी। जिस व्यक्ति के पास अच्छे रिश्ते होते हैं, वह हर परिस्थिति को आसानी से पार कर लेता है। किसी भी व्यक्ति के लिए अच्छे रिश्ते जीवन में बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए कभी भी अच्छे लोगों के साथ अपने रिश्तों को नहीं तोड़ना चाहिए और न ही कमजोर होने देना चाहिए। हर व्यक्ति चाहता है कि उसके रिश्ते अच्छे रहें, जिसके लिए लोग प्रयास भी करते हैं। नीति शास्त्र में रिश्तों को लेकर भी महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं। यदि मनुष्य इन बातों को ध्यान में रखता है तो उसके संबंध मजबूत बने रहते हैं। तो चलिए जानते हैं रिश्तों के बारे में क्या कहती है चाणक्य नीति...
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
किसी भी व्यक्ति के लिए सभी का प्रिय होना सरल नहीं होता है, लेकिन इसके लिए व्यक्ति छल-कपट का सहारा नहीं लेना चाहिए। झूठ और छल-कपट से बनाएं गए रिश्तें ज्यादा दिनों तक नहीं टिकते हैं। जल्दी ही ऐसे रिश्तों की कलई खुल जाती है। जिससे आपके रिश्ते तो खराब होते ही हैं साथ ही आपको अपमान का सामना भी करना पड़ता है। इसलिए 'रिश्ते हमेशा प्रेम और विश्वास' की नींव पर ही बनाने चाहिए।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
बनाएं रखें विनम्रता 
चाणक्य नीति के अनुसार जिस व्यक्ति की वाणी मधुर और व्यव्हार में विनम्रता रहती है, वह सबके हृदय का प्रिय होता है। मधुर वाणी कठोर से कठेर हृदय को भी परिवर्तित करने की क्षमता रखती है, इसलिए अपनी वाणी को हमेशा मधुर और व्यव्हार को हमेशा विनम्र बनाकर रखना चाहिए। 

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Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
अहम को न आने दे आड़े
अहंकार एक ऐसा अवगुण है, जिसके कारण मजबूत संबंध में भी दरार पड़ने में समय नहीं लगता है। इसी कर चलते कई बार रिश्ते खराब होने लगते हैं। चाणक्य नीति के अनुसार व्यक्ति को कभी भी अहंकार को इतना विशाल नहीं होने देना चाहिए कि यह आपके रिश्तों के आड़े आने लगे।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
बनाएं रखें रिश्तों की गरिमा
किसी भी रिश्ते की गरिमा तभी तक होती है, जब एक दूसरे के प्रति मन में मान-सम्मान होता है। हर रिश्ते की गरिमा बनाएं रखना बहुत आवश्यक होता है, इसलिए कभी भी क्रोध में आकर दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश में उसके मान को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए। जो व्यक्ति अहंकार को त्यागकर सभी का सम्मान करता है, ऐसे व्यक्ति को समय आने पर हर व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होता है।
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