आचार्य चाणक्य
- फोटो : Social media
केवल धन संचय न करें उसे निवेश भी करें
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मनुष्य को धन आने पर केवल संचय करके नहीं रखना चाहिए बल्कि उसे सही जगह निवेश करना चाहिए। जो व्यक्ति धन आने के बाद केवल उसे संचय करना चाहता है, उस व्यक्ति का धन धीरे धीरे समाप्त होने लगता है। धन बढ़ाने के लिए उसे सही जगह निवेश करना भी जरूरी है।