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Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि में जरूर करें गुप्त दान, बरसेगी माता रानी की कृपा

Tue, 17 Mar 2026 10:31 PM IST
Shweta Singh धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Chaitra Navratri 2026: हिन्दू नववर्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि का आरम्भ हो रहा है। नवरात्रि के दौरान सही समय और सही चीज का किया गया गुप्त दान कई गुना बढ़कर वापस मिलता है। आइए जानते हैं कि नवरात्रि में किन चीजों का गुप्त दान करना चाहिए। 
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चैत्र नवरात्रि दान - फोटो : amar ujala
Chaitra Navratri Daan: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है। चैत्र नवरात्रि की शुरुआत शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। इस साल, चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होगी और 27 मार्च को समाप्त होगी। ऐसा माना जाता है कि देवी दुर्गा पालकी में सवार होकर पृथ्वी पर आएंगी और हाथी पर सवार होकर विदा होंगी। पूजा और व्रत के साथ-साथ, नवरात्रि के दौरान कुछ विशेष अनुष्ठान भी किए जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि सही समय पर और सही तरीके से किया गया गुप्त दान कई गुना लाभ देता है। आइए जानते हैं कि नवरात्रि के दौरान किन चीजों का गुप्त रूप से दान करना चाहिए।
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नवरात्रि के दौरान इन चीजों का दान करें
  • नवरात्रि के दौरान किसी विवाहित महिला को लाल चुनरी, लाल साड़ी या कोई शुभ चीज  दान करना बहुत शुभ माना जाता है। 
  • छोटी बच्चियों को भोजन के साथ-साथ किताबें, कॉपियां, पेन  आदि सामग्री दान करना बहुत अच्छा माना जाता है। 
  • नवरात्रि के दौरानकेले का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे घर में समृद्धि आती है, आर्थिक परेशानियां कम होती हैं और खुशियाँ बढ़ती हैं।
  • चावल, आटा, चीनी या सफेद मिठाइयों का दान नवरात्रि के किसी भी दिन किया जा सकता है। इससे घर से गरीबी दूर होती है और समृद्धि बढ़ती है।
चैत्र नवरात्रि तिथि 
19 मार्च को सुबह 6 बजकर 53 मिनट तक अमावस्या तिथि रहेगी। इसके बाद प्रतिपदा तिथि का प्रवेश होगा, जो 20 मार्च को सुबह चार बजकर 53 मिनट तक रहेगी। सूर्योदय के बाद तिथि का प्रवेश और सूर्योदय से पहले समाप्त होने के कारण इसे तिथि का क्षय माना जाता है।
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कलश स्थापना शुभ मुहूर्त
चैत्र नवरात्रि पर कलश स्थापना के लिए पहला शुभ मुहूर्त: प्रातः 06 बजकर 52 मिनट से प्रातः 07 बजकर 43 मिनट तक 
चैत्र नवरात्रि पर कलश स्थापना के लिए  दूसरा मुहूर्त:  दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।

महाष्टमी और रामनवमी की तिथि
इस वर्ष 26 मार्च को महाष्टमी और 27 मार्च को रामनवमी का पर्व मनाया जाएगा।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता और संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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