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Chaitra Navratri and Kharmas: खरमास के बीच में मनाई जाएगी चैत्र नवरात्रि, जानें पूजा में क्या करें क्या नहीं

Sun, 15 Mar 2026 10:54 PM IST
Shweta Singh धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Chaitra Navratri and Kharmas: ऐसा माना जाता है कि खरमास के दौरान सूर्य की गति धीमी हो जाती है, जिसके चलते लोग विवाह या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य नहीं करते हैं। 
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Chaitra Navratri 2026 - फोटो : अमर उजाला
Chaitra Navratri and Kharmas: चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र त्योहार है। हिन्दू नववर्ष से पहले खरमास आरम्भ हो चुका है। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान सूर्य की गति धीमी हो जाती है, जिसके चलते लोग विवाह या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों को करने से परहेज करते हैं। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि खरमास की अवधि के दौरान देवी दुर्गा की पूजा करना उचित है या नहीं। आइए हम जानते हैं कि इस अवधि के दौरान किन विशिष्ट दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए।
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खरमास 2026 - फोटो : Adobe Stock
खरमास और चैत्र नवरात्रि  
खरमास एक ऐसा समय है जब विवाह, मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश और उपनयन संस्कार जैसे मांगलिक कार्यों की मनाही होती है। हालांकि शक्ति की उपासना के संदर्भ में विशेष रूप से नवरात्रि से जुड़े अनुष्ठानों और प्रार्थनाओं के मामले में यह नियम थोड़ा भिन्न होता है। चूंकि नवरात्रि देवी शक्ति की आराधना के लिए समर्पित होता है। इसलिए इस दौरान पूजा-पाठ, जप, तपस्या और धार्मिक व्रतों का पालन करना अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक रूप से फलदायी माना जाता है। नवरात्रि अपने आप में एक अत्यंत शक्तिशाली और अत्यधिक शुभ काल है, जिस पर खरमास का कोई भी नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। इसके विपरीत, इस दौरान की गई पूजा-अर्चना, मंत्र-जाप, तपस्या और दान-पुण्य के कार्यों को और भी अधिक शुभ फलदायी माना जाता है। 
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खरमास 2026 - फोटो : Adobe Stock
ये काम भूलकर भी न करें 
  • भले ही नवरात्रि चल रही हो लेकिन खरमास के दौरान कोई नया व्यापार शुरू करने या कोई बड़ी संपत्ति खरीदने से बचना चाहिए।
  • इस समय सगाई या शादी की तारीखें तय न करने की सलाह दी जाती है। ऐसे मामलों को खरमास खत्म होने तक टालें ।
  • इस दौरान प्याज, लहसुन और मांस का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। 
  • किसी भी हाल में, भले ही अनजाने में हो, इस समय किसी का अपमान नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से देवी दुर्गा अप्रसन्न हो सकती हैं।
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घटस्थापना कैसे करें? - फोटो : Adobe
घटस्थापना कैसे करें?
  • इस साल चैत्र नवरात्रि खरमास के बीच में पड़ रही है, इसलिए शुभ मुहूर्त का महत्व और भी बढ़ जाता है।
  • अभिजीत मुहूर्त के दौरान कलश स्थापित करना सबसे शुभ माना जाता है।
  • यदि आप खरमास से जुड़े किसी भी नकारात्मक प्रभाव को पूरी तरह से खत्म करना चाहते हैं तो मुख्य पूजा शुरू करने से पहले भगवान गणेश की प्रार्थना करें। 
  • इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।  
  • ऐसा माना जाता है कि इन अनुष्ठानों का पालन करने से पूजा और भी अधिक शुभ और फलदायी हो जाती है।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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