हर वर्ष छः माह के अंतराल पर नवरात्रि आती हैं। कार्तिक मास में पड़ने वाली नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि कहा जाता है तो वहीं चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होने वाली नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि कहा जाता है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 13 अप्रैल 2021 दिन मंगलवार से आरंभ हो रही हैं। नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही नवसंवत्सर यानि हिंदू नववर्ष का आरंभ भी होता है। नवरात्रि में मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री माता का पूजन और अर्चन किया जाता है। भक्त इन नौं दिनों तक मां को मनाने के लिए विधि विधान से पूजा करते हैं। पूजा में बीज मंत्रों का विशेष महत्व बताया गया है। आप भी नवरात्रि के इन नौं दिनों में मां के बीज मंत्रों से उपासना करके उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं। जानिए मां आदिशक्ति के नौं स्वरूपों के नौं बीज मंत्र।