नवरात्रि 2021
- फोटो : social media
पूजा पाठ में जौ के प्रयोग को लेकर क्या कहती हैं पौराणिक मान्यताएं
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार है कि आदिकाल से पूजा-पाठ में हवन के दौरान जौ को आहुति देने की परंपरा चली आ रही है। आज के समय में भी आहुति की सामाग्री में जौं अवश्य मिलाए जाते हैं। जौ यानि अन्न को ब्रह्मा माना गया है, पूजा-पाठ में अन्न का उपयोग करने अर्थात ईश्वर को समर्पित करने का अर्थ है कि हमें अन्न यानी कि जो ब्रह्म स्वरूप है उसका सम्मान करना चाहिए। यह अन्न की महत्वत्ता को दर्शाता है।