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Chaitra Navratri 2021: कल से शुरू हैं नवरात्रि, जानें क्यों बोए जाते हैं जौ, क्या हैं मान्यताएं

Mon, 12 Apr 2021 09:14 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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नवरात्रि 2021 - फोटो : डेमो
प्रत्येक वर्ष छ: छ: माह के अंतराल पर दो बार नवरात्रि मनाई जाती हैं। कार्तिक मास में पड़ने वाली नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि कहा जाता है तो वहीं चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होने वाली नवरात्रि को चैत्र या बासंतिक नवरात्रि कहा है। इस बार 13 अप्रैल 2021 यानि कल से नवरात्रि आरंभ हो रहें हैं। दोनों ही नवरात्रों में जौ जरूर बोए जाते हैं। नवरात्रि में जौ बोने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि पूजा में जौ का क्या महत्व है साथ ही कलश में इसका प्रयोग क्यों किया जाता है। तो चलिए जानते हैं कि इसके पीछे क्या कहती हैं पौराणिक मान्यताएं।
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नवरात्रि 2021 - फोटो : social media
पूजा पाठ में जौ के प्रयोग को लेकर क्या कहती हैं पौराणिक मान्यताएं
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार है कि आदिकाल से पूजा-पाठ में हवन के दौरान जौ को आहुति देने की परंपरा चली आ रही है। आज के समय में भी आहुति की सामाग्री में जौं अवश्य मिलाए जाते हैं। जौ यानि अन्न को ब्रह्मा माना गया है, पूजा-पाठ में अन्न का उपयोग करने अर्थात ईश्वर को समर्पित करने का अर्थ है कि हमें अन्न यानी कि जो ब्रह्म स्वरूप है उसका सम्मान करना चाहिए। यह अन्न की महत्वत्ता को दर्शाता है।
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नवरात्रि 2021
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पृथ्वी की पहली फसल जौं थी। इसे पूर्ण फसल माना गया है, इसलिए यह फसल देवी मां को अर्पित की जाती है और श्रद्धा स्वरूप जौं बोए जाते हैं। इसके अलावा भी जौं बोने को लेकर मान्यताएं हैं। माना जाता है कि नवरात्रि के दौरान बोई गई जौ जितनी हरी-भरी होगी, मां दुर्गा की कृपा से जातक के घर में उतनी ही सुख-समृद्धि आती है। 

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नवरात्रि 2021
नवरात्रि के दिनों में बोये गए जौ से भी शुभ-अशुभ संकेत भी माने जाते हैं। यदि दो से तीन दिन में जौ अंकुरित होने लगते हैं। तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है, लेकिन जिन लोगों के यहां जौ सही से नहीं उगते हैं तो माना जाता है कि आने वाला समय परेशानियों से भरा रहेगा। हालांकि कई बार जौ सही तरह से न सोएं जाएं तो भी जौं का अंकुरण नहीं हो पाता है।
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नवरात्रि 2021
क्या कहता है जौं का रंग
ज्योतिष के जानकारों के अनुसार यदि किसी के यहां नवरात्रि में बोए गए जौं के ऊपर का आधा हिस्सा हरा हो और नीचे से आधा हिस्सा पीला तो इसका अर्थ होता है कि आने वाले समय में आधा वर्ष खुशहाली और आधा वर्ष परेशानियों के साथ बीतेगा। इसके अलावा अगर जौ का रंग हरा हो या फिर सफेद हो गया हो, तो इसका अर्थ होता है कि आने वाला समय देवी भगवती की कृपा से अपार खुशियों और समृद्धि से भरा हुआ रहेगा।
 
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