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Chaitra Navratri 2020 : नवरात्रि पूजा के नियम, अखंड ज्योति से लेकर कलश स्थापना तक

Wed, 25 Mar 2020 12:03 AM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
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नवरात्रि में घटस्थापना और अखंड ज्योति का बहुत अधिक महत्व होता है। घटस्थापना और अखंड ज्योति को मां दुर्गा की चौकी के सामने ही रख देते हैं और पूरे नौ दिन वहीं पर पूजा करते हैं। घटस्थापना और अखंड ज्योति में कुछ नियमों का अगर पालन किया जाए तो आपको मनावांछित वरदान मिल सकता है। आइए, आज जानते हैं 25 मार्च, बुधवार से शुरू हो रहे नवरात्रि में आपको किन नियमों का पालन करना है....













 
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उत्तर- पूर्व  दिशा
  • उत्तर- पूर्व यानि ईशान कोण को देवी- देवताओं का स्थान माना गया हैं। इसी दिशा में माता की प्रतिमा और घट की स्थापना करना शुभ होता हैं। इस दिशा पर प्रतिमा और घट की स्थापना करने से विशेष लाभ होता है।









 
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कलश स्थापना
  • कलश को नीचे जमीन पर ना रखें। बल्कि इसकी स्थापना चंदन के पटिए पर करें। यह बहुत ही शुभ माना जाता हैं। साथ ही ध्यान रखें कि पूजा वाली जगह के ऊपर कोई गंदे कपड़े आदि पड़े हुए ना हो। साफ- सफाई का विशेष ध्यान दें।


 

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ध्वजा
  •  नवरात्र में समय कुछ लोग अपने घर पर लगे ध्वजा को भी बदलते हैं। इस बार ध्वजा बदलते हुए उसकी दिशा को ध्यान में जरूर रखें। घर की छत पर उत्तर पश्चिम कोने पर ही ध्वजा लगाएं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर में ध्वजा लगाने का बहुत अधिक महत्व होता है।

 
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 माता की प्रतिमा 
  • जिस जगह पर माता की प्रतिमा को स्थापित किया गया हैं, वहां के आस पास की जगह को थोड़ा खुला रखें और इस जगह पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

 
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अखंड ज्योति 
  •  अगर आपने नवरात्र में अखंड ज्योति जलाने का संकल्प लिया हैं तो इसे गलत दिशा में ना रखें। अखंड ज्योति पूर्व- दक्षिण कोण यानि आग्नेय कोण में ही रखने पर शुभ होता हैं। ध्यान रहें पूजा के समय इसका मुंह पूर्व या फिर उत्तर दिशा में होना चाहिए।
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