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Chaitra Amavasya 2020: जानें चैत्र अमावस्या का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

Mon, 23 Mar 2020 07:38 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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चैत्र अमावस्या - फोटो : अमर उजाला
24 मार्च को चैत्र अमावस्या है। हिन्दू धर्म में यह तिथि बेहद महत्वपूर्ण होती है। चैत्र अमावस्या वह तिथि है जो चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि होती है। यह हिन्दू वर्ष की अंतिम तिथि भी कहलाती है। इस तिथि के बाद हिन्दू नववर्ष शुरु हो जाता है।  
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muhurat - फोटो : muhurat
चैत्र अमावस्या का शुभ मुहूर्त
सवार्थ सिद्धी योगी- सुबह 6 बजकर 20 मिनट से अगले दिन 4 बजकर 19 मिनट तक।
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 3 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक।
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गंगा स्नान - फोटो : अमर उजाला
चैत्र अमावस्या की पूजा विधि
  • चैत्र अमावस्या के दिन प्रातः जल्दी उठें।
  • इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में किसी पवित्र नदी, जलाशय या कुंड आदि में स्नान करें।
  • सूर्योदय के समय भगवान सूर्यदेव को जल का अर्घ्य दें।
  • इस दिन कर्मकांड के साथ अपने पितरों का तर्पण करें।
  • पितरों की आत्मा की शांति के लिए व्रत रखें।
  • आज के दिन जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा दें।
  • ब्राह्मणों को भोजन कराएं।

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सूर्य उपासना
चैत्र अमावस्या का महत्व
हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार अमावस्या तिथि पित्तरों के दर्पण के लिए समर्पित है। इसलिए इस दिन पित्तरों की आत्मा की शांति के लिए उपवास रखा जाता है। खासकर जो लोग पितृ दोष से पीड़ित हैं उनके लिए अमावस्या व्रत इस दोष के निवारण के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं अन्य माह की अमावस्या के समान चैत्र अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण करना श्रेष्ठ माना गया है। ऐसा करने से पितरों को मुक्ति मिलती है।
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चंद्र देव - फोटो : अमर उजाला
चैत्र अमावस्या का ज्योतिषीय महत्व
अमावस्या तिथि के दिन सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में होते हैं। जहां सूर्य आग्नेय तत्व को दर्शाता है तो वहीं चंद्रमा शीतलता का प्रतीक है। सूर्य के प्रभाव में आकर चंद्रमा का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिए मन को एकाग्रचित करने का यह कारगर दिन होता है। इसलिए अमावस्या का दिन आध्यात्मिक चिंतन के लिए श्रेष्ठ होता है। अमावस्या को जन्म लेने वाले की कुंडली में चंद्र दोष होता है। 
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vikram samvat 2077 - फोटो : vikram samvat 2077
चैत्र अमावस्या होता है हिन्दू वर्ष का अंतिम दिन
चैत्र अमावस्या विक्रम संवंत वर्ष का अंतिम दिन होता है। विक्रम संवंत को आम भाषा में हिन्दू कैलेंडर के नाम से भी जाना जाता है। चैत्र अमावस्या तिथि की समाप्ति के बाद चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि आती है जो हिन्दू वर्ष का पहला दिन होता है। कहते हैं चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन ही ब्रह्मा जी ने इस सृष्टि की रचना की थी। नवरात्र भी हिन्दू नवर्ष की पहली तिथि से प्रारंभ होता है।
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