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Chandi Path: ममता दीदी ने किया चंडी पाठ, जानें इसका धार्मिक महत्व और लाभ

Tue, 16 Mar 2021 04:53 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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चंडी मंदिर में पूजा-अर्चना करतीं ममता बनर्जी। - फोटो : ANI
चुनाव के चलते पश्चिम बंगाल की सियासत सुर्खियों में है। जहां एक तरफ भाजपा राज्य की सत्ता पाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रही है तो वहीं मुख्यमंत्री ममदा दीदी भी अपनी कुर्सी बचाने के लिए खूब 'खेला' खेल रही हैं। मंगलवार को ममता दीदी नंदीग्राम पहुंचीं और यहां उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। दरअसल, इस बार नंदीग्राम से ही दीदी चुनाव लड़ रही हैं। जनसभा को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री ममता दीदी ने चंडी पाठ किया। धार्मिक दृष्टि से चंडी पाठ क्या होता है, इसके पाठ से क्या लाभ हैं, आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
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कार्य सिद्धि के लिए किया जाता है चंडी पाठ - फोटो : अमर उजाला
कार्य सिद्धि के लिए होता चंडी पाठ
चंडी पाठ को दुर्गा सप्तशती भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि चंडी पाठ करना बेहद ही शुभ माना जाता है। इसका पाठ कार्य सिद्धि, अभय प्राप्ति और त्रिबिध तापों से मुक्ति प्रदान करने वाला है। इसमें मां के तीन चरित्र प्रथम चरित्र, मध्यम चरित्र और उत्तम चरित्र का वर्णन किया गया है। 
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दुर्गा सप्तशती के प्रथम चरित्र का पाठ - फोटो : अमर उजाला
दुर्गा सप्तशती के प्रथम चरित्र का पाठ
चंडी पाठ करने वालों को तमाम कष्टों से छुटकारा मिलता है। जो लोग सबकुछ होते हुए भी परिवार में तनाव और कलह से परेशान हैं, जो हमेशा शत्रुओं से दबे रहते हैं, मुकदमो में हार का भय सताता रहता है या जो प्रेत आत्माओं से परेशान रहते हैं उन्हें मधु और कैटभ जैसे राक्षसों का संहार करने वाली मां महाकाली के दुर्गासप्तशती के 'प्रथम चरित्र' का पाठ करना या सुनना चाहिए।

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मां दुर्गा दुर्गा सप्तशती पाठ - फोटो : सोशल मीडिया
दुर्गा सप्तशती के मध्यम चरित्र का पाठ
जो लोग बेरोजगारी की मार से परेशान हैं, कर्ज में डूबे हुए हैं, जिन्हें चारों ओर अन्धकार दिखाई दे रहा हो, जो श्री हीन हो चुके हों, जिनका कार्य व्यापार बंद हो चुका हो, जिनके जीवन में स्थिरता नहीं हो, जिनका स्वास्थ्य साथ ना दे रहा हो, घर की अशांति से परिवार बिखर रहा हो अथवा पूर्णतः भौतिक सुखों से वंचित हों ऐसे प्राणी को मां महालक्ष्मी की आराधना और मध्यम चरित्र का पाठ करना या सुनना चाहिए।
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दुर्गा सप्तशती के उत्तम चरित्र का पाठ - फोटो : सोशल मीडिया
दुर्गा सप्तशती के उत्तम चरित्र का पाठ
जिनकी बुद्धि मंद पड़ गयी हो, पढाई में मन न लग रहा हो, स्मरणशक्ति कमजोर हो रही हो, सन्निपात की बीमारी से ग्रसित हों, जो शिक्षा-प्रतियोगिता में असफल रहते हों, जो विद्यार्थी ज्यादा पढ़ाई करते हो और नंबर कम आता हो अथवा जिनको ब्रह्मज्ञान और तत्व की प्राप्ति करनी हो उन्हें माता सरस्वती की आराधना और 'उतम चरित्र' का पाठ करना चाहिए।
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संपूर्ण पाठ से मिलता है धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष - फोटो : अमर उजाला
संपूर्ण पाठ से मिलता है धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष
सम्पूर्ण दुर्गा सप्तशती का दशांग या षडांग पाठ संसार के चारों पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष देने वाला है। सप्तशती के पाठ-श्रवण से प्राणी सभी कष्टों से मुक्ति पा जाता है। घर में वास्तु दोष हो तो यह पाठ अथवा श्रवण इन दोषों के कुप्रभाव से छुटकारा दिला देता है क्योंकि, वास्तु पुरुष भी माँ का परम भक्त है और प्रतिक्षण माँ के भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। 
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