फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Touching Feet: भूलकर भी नहीं छूने चाहिए इन लोगों के पैर, आशीर्वाद की जगह मिल सकते हैं विपरीत प्रभाव

Mon, 09 Jun 2025 11:40 AM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शास्त्रों में कुछ खास परिस्थितियों में या कुछ लोगों के पैर छूना वर्जित माना गया है। आइए जानते हैं कि किन लोगों के चरण स्पर्श करने से बचना चाहिए और इसके पीछे का कारण क्या है।
विज्ञापन
1 of 5
इन लोगों का न करें चरण स्पर्श - फोटो : adobe stock
Hindu Traditions Of Touching Feet: भारतीय संस्कृति में बड़ों के चरण स्पर्श करना सम्मान, विनम्रता और आशीर्वाद प्राप्त करने की परंपरा का हिस्सा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ खास परिस्थितियों में या कुछ लोगों के पैर छूना वर्जित माना गया है? कई लोग इसे अंधविश्वास मानते हैं, लेकिन इसके पीछे धार्मिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण भी छिपे हैं। आइए जानते हैं कि किन लोगों के चरण स्पर्श करने से बचना चाहिए और क्यों।

इन लोगों का न करें चरण स्पर्श
पत्नी के चरण स्पर्श

कुछ परंपराओं में पति द्वारा पत्नी के चरण स्पर्श को अनुचित माना गया है क्योंकि पति को स्वामी और पत्नी को धर्मपत्नी कहा गया है। पति परिवार का रक्षक और स्वामी माना गया है। हालांकि वर्तमान समय में यह सोच तेजी से बदल रही है और पति-पत्नी के रिश्तों में समानता को महत्व दिया जा रहा है।
विज्ञापन

2 of 5
इन लोगों का न करें चरण स्पर्श - फोटो : Adobe
मामा के पैर छूना
लोक परंपरा में माना जाता है कि भांजे को अपने मामा के चरण स्पर्श नहीं करने चाहिए। यह मान्यता श्रीकृष्ण और उनके मामा कंस की कथा पर आधारित है, जिसमें श्रीकृष्ण ने कंस का अंत किया था। तब से यह रिवाज बना कि भांजा मामा के पैर नहीं छुएगा।

Vat Purnima vrat 2025: जून महीने में कब रखा जाएगा वट पूर्णिमा का व्रत? जानें सही तिथि और महत्व
Gupt Navratri 2025: जून में कब से शुरू है गुप्त नवरात्रि? जानें शुभ तिथि और घटस्थापना मुहूर्त
विज्ञापन

3 of 5
इन लोगों का न करें चरण स्पर्श - फोटो : Adobe
अधार्मिक या गलत कार्य करने वाला
यदि किसी व्यक्ति को सामाजिक रूप से अधार्मिक या अनैतिक आचरण के लिए जाना जाता है, तो उसके पैर छूना धर्म की दृष्टि से अनुचित माना गया है। ऐसा करने से उसके कर्मों का दुष्प्रभाव चरण स्पर्श करने वाले पर भी पड़ सकता है।

सास-ससुर के पैर छूना
परंपरागत मान्यताओं के अनुसार दामाद को अपने सास-ससुर के पैर नहीं छूने चाहिए। इसकी पौराणिक कथा भगवान शिव और प्रजापति दक्ष से जुड़ी है, जिसमें शिव ने अपने ससुर का सिर काटा था। तभी से यह परंपरा मानी जाती है।

4 of 5
इन परिस्थितियों में न करें चरण स्पर्श  - फोटो : freepik
इन परिस्थितियों में न करें चरण स्पर्श 
मंदिर में पैर छूना

जब आप मंदिर में हों, तो किसी भी इंसान के पैर छूने से बचें। मान्यता है कि मंदिर में केवल ईश्वर सर्वोच्च होते हैं, इसलिए वहां सिर झुकाना केवल भगवान के प्रति होना चाहिए। किसी अन्य के चरण छूने से भगवान की ऊर्जा में विघ्न पड़ता है।

सोते हुए व्यक्ति के पैर न छुएं
यदि कोई व्यक्ति नींद में है तो उस समय उसके पैर छूना अनुचित माना गया है। सोते समय व्यक्ति की ऊर्जा स्थिति अलग होती है और उसे मृत समान स्थिति में माना जाता है। ऐसे में में चरण स्पर्श करने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
पूजा कर रहे व्यक्ति के पैर न छुएं - फोटो : adobe stock
श्मशान से लौटे व्यक्ति के पैर न छुएं
जिस व्यक्ति ने हाल ही में श्मशान से लौटकर प्रवेश किया हो, उसके पैर नहीं छूने चाहिए। शास्त्रों में श्मशान को अशुद्ध स्थान माना गया है और वहां से लौटने वाले व्यक्ति के आसपास नकारात्मक ऊर्जा मानी जाती है।

पूजा कर रहे व्यक्ति के पैर न छुएं
जब कोई व्यक्ति पूजा या ध्यान में लीन हो, तो उसके चरण छूने से बचना चाहिए। पूजा के समय व्यक्ति आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ा होता है, और इस दौरान चरण स्पर्श करने से उसकी साधना में बाधा आ सकती है।

Jyeshtha Purnima 2025: ज्येष्ठ पूर्णिमा पर करें अपनी राशि के अनुसार दान, मिलेगा सभी समस्याओं से छुटकारा
 


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): 
यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें