nehru asthi
नेहरू की अस्थियां
भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने अपनी अस्थियों को लेकर पहले ही वसीयत कर दी थी, जिसमें उन्होंने लिखा कि — "मेरी अस्थियों का एक छोटा भाग कल कल बहती गंगा में प्रवाहित करवा देना एवं अस्थियों का कोई हिस्सा संरक्षित मत करना। अस्थियों का बचा हुआ बड़ा हिस्सा ऊपर हवा में ले जाकर खेतों में बिखराव करवाना जहां भारत के अन्नदाता अन्न उगाते हैं, ताकि मेरी अस्थियां भारत की धूल मिट्टी के साथ मिलकर भारत का एक अभिन्न भाग बन सकें।"