Aashadh Purnima Vrat 2026: हिंदू धर्म में प्रत्येक पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है, लेकिन आषाढ़ पूर्णिमा का स्थान सबसे पवित्र पूर्णिमाओं में से एक है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ-साथ चंद्र देव की आराधना और महर्षि वेदव्यास का स्मरण किया जाता है। यही कारण है कि आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा और व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने, विधिपूर्वक पूजा करने, चंद्रमा को अर्घ्य देने और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए जानते हैं आषाढ़ पूर्णिमा व्रत 2026 की तिथि, चंद्रोदय का समय, शुभ मुहूर्त और पूजा की संपूर्ण विधि।