फागुन की अमावस के दिन व्रत, स्नान और पितरों का तर्पण किया जाता है। इस दिन पीपल के पेड़ का दर्शन-पूजन करना भी बहुत शुभ मानते हैं। इस अमावस पर नदियों, सरोवरों और धर्मस्थानों पर स्नान, दान और शांति-कर्म किए जाते हैं। शिव के विग्रह, पीपल की पूजा करने के साथ शनि की शांति के लिए भी पूजा आदि काम किए जाते हैं। अमावस और मंगलवार के संयोग में पितरों के साथ हनुमान को प्रसन्न करने के साथ मंगल के दोषों की शांति और अशुभता दूर की जा सकती है।