फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Akshay tritiya 2021: इस दिन है अक्षय तृतीया, जानें तिथि, महत्व और शुभ मुहूर्त

Wed, 05 May 2021 03:36 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
अक्षय तृतीया 2021
वैशाख मास की तृतीया तिथि का हिंदू धर्म में बहुत अधिक महत्व माना गया है। इस दिन को अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस बार अक्षय तृतीया 14 मई 2021 दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी। यह तिथि बहुत ही पवित्र मानी जाती है। यह तिथि सभी पापों का नाश करने वाली और सुखों को प्रदान करने वाली मानी गई है। इस दिन लोग सोने चांदी और अन्य चीजों की खरीदारी करते हैं इसके साथ ही इस दिन भगवान विष्णु, परशुराम और मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है। आइए जानते हैं महत्व और शुभ मुहूर्त।
विज्ञापन

2 of 4
अक्षय तृतीया 2021 - फोटो : laxmi
अक्षय तृतीया तिथि शुभ मुहूर्त
14 मई 2021 दिन शुक्रवार को अक्षय तृतीया का पावन पर्व मनाया जाएगा। 
अक्षय तृतीया तिथि आरंभ- 14 मई 2021 को सुबह 05 बजकर 38 मिनट से।
अक्षय तृतीया तिथि समाप्त- 15 मई 2021 को सुबह 07 बजकर 59 मिनट तक
अक्षय तृतीया पूजा का शुभ मुहूर्त- सुबह 05 बजकर 38 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक

पूजा की कुल अवधि 06 घंटा 40 मिनट रहेगी।
विज्ञापन

3 of 4
अक्षय तृतीया 2021 - फोटो : SELF
अक्षय तृतीया का महत्व
जानकारों के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन अबूझ मुहूर्त रहता है इस दिन कोई भी शुभ कार्य बिना मुहूर्त देखे किया जा सकता है। इस दिन दान पुण्य करने से अक्षय फल (कभी न समाप्त होने वाला) की प्राप्ति होती है। इस दिन लोग सोने चांदी से बनी चीजों की विशेषतौर पर खरीददारी करते हैं मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई चीज में हमेशा बढ़ोत्तरी होती है और सोना खरीदने से सुख-समृद्धि आती है। इस पावन तिथि पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में धन-धान्य आता है। भगवान परशुराम ने भी इसी दिन जन्म लिया था इसलिए इस दिन उनकी पूजा करने से भी विशेष फल की प्राप्ति होती है।
विज्ञापन

4 of 4
अक्षय तृतीया 2021 पूजा विधि (प्रतीकात्मक तस्वीर)
अक्षय तृतीया पूजा विधि
  • इस दिन महिलाएं अपने परिवार की समृद्धि के लिए व्रत करती हैं।
  • इस दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए। यदि नदी पर नहीं जा सकते तो घर पर ही स्नान करें।
  • इसके बाद मां लक्ष्मी और नारायण की प्रतिमा पर अक्षत अर्पित करें।
  • भगवान के सामने धूप दीप प्रज्वलित करें और चंदन, श्वेत कमल के पुष्प या श्वेत गुलाब आदि से पूजन करें।
  • इसके बाद अपने घर में सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें